कतरगांव गेहूं खरीदी केंद्र पर CM का औचक निरीक्षण:किसानों से पूछा भुगतान और तौल का हाल; अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश

सीएम डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार सुबह महेश्वर में अपने निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव किया। वे हेलीपैड जाने के बजाय सीधे बड़वाह मार्ग स्थित कतरगांव के गेहूं उपार्जन केंद्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

महेश्वर विधानसभा के दौरे पर आए सीएम ने रात्रि विश्राम के बाद सुबह हेलीपैड के लिए प्रस्थान किया था। हालांकि, उन्होंने अचानक अपना काफिला बड़वाह मार्ग की ओर मोड़ दिया और सीधे खरीदी केंद्र पहुंच गए। मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर वहां मौजूद किसान और कर्मचारी हैरान रह गए।

सीएम ने किसानों से सीधी बातचीत की

सीएम ने किसी औपचारिक प्रोटोकॉल का पालन किए बिना सीधे किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों से पूछा कि क्या उन्हें भुगतान समय पर मिल रहा है और तौल में कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही है।

सीएम ने मौके पर मौजूद कलेक्टर भव्या मित्तल और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को धूप में खड़े न रहना पड़े। उन्होंने ठंडे पानी और बैठने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान महेश्वर विधायक राजकुमार मेव भी उनके साथ थे, जिनसे सीएम ने क्षेत्र की कृषि समस्याओं पर फीडबैक लिया।

सीएम ने तौल और भुगतान में पारदर्शिता के निर्देश

सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गेहूं की स्लॉट बुकिंग से लेकर तौल और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार ने तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी है और आवश्यकता पड़ने पर इसे और बढ़ाया जाएगा।

सीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार 2625 रुपए प्रति क्विंटल (बोनस सहित) की दर से उनके गेहूं का पाई-पाई भुगतान करेगी। निरीक्षण के बाद सीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में वे प्रदेश के किसी भी जिले में अचानक उतरकर केंद्रों की स्थिति का जायजा ले सकते हैं, इसलिए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहना चाहिए।