गुरुग्राम के सबसे वीआईपी और पॉश इलाके डीएलएफ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। दावा है कि यहां की सड़कों पर सुबह दौड़ लगा रहे धावकों (रनर्स) के साथ बाउंसरों ने बदसलूकी की खुद को सड़कों का रक्षक बताते हुए लोगों को रनिंग से रोका।
रनर्स के मुताबिक सुबह करीब छह बजे वे डीएलएफ के इलाके में दौड़ लगा रहे थे। सभी धावक ‘वेदांता हाफ मैराथन’ की तैयारियों में जुटे हैं और अपनी टाइमिंग सुधारने के लिए सुबह-सुबह प्रैक्टिस करते हैं। इसी दौरान क्यूआरटी लिखी बुलेरो गाड़ी में आए बाउंसरों ने उनका रास्ता रोक लिया।
बाउंसरों ने रनर्स से कहा कि यह एक प्राइवेट सड़क है और यहां दौड़ने की अनुमति नहीं है। जब धावकों ने इस बात का विरोध किया, तो बाउंसर अपनी धौंस दिखाने लगे और कहने लगे, “हम इन सड़कों को प्रोटेक्ट करते हैं, यहां से तुरंत भाग जाओ।”
इस संबंध में जब डीएलएफ और सिक्योरिटी एजेंसी का पक्ष जानने के लिए उनकी पीआर टीम से संपर्क किया गया तो उन्होंने अभी तक कोई रिस्पांस नहीं दिया।
अवैध क्यूआरटी गाड़ियों में घूम रहे बाउंसर
पीड़ित धावक लवेश ने बताया कि वह सेक्टर-57 में रहते हैं और एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम करते हैं। ये बाउंसर जिन गाड़ियों में सवार होकर घूम रहे थे, उन पर अवैध रूप से ‘QRT’ (क्विक रिएक्शन टीम) लिखा हुआ था। बिना किसी सरकारी या आधिकारिक आदेश के इस तरह वीआईपी इलाकों में हूटर और क्यूआरटी लिखी गाड़ियां लेकर घूमना पूरी तरह से गैरकानूनी है। सुरक्षा के नाम पर ये बाउंसर सड़कों पर राहगीरों और रनर्स को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं।
पढ़िए वीडियो में क्या दिख रहा…
- सड़क पर बाउंसरों से भिड़े रनरः वीडियो में सड़क पर रनर्स और बाउंसरों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। लवेश बाउंसरों से सवाल करते नजर आ रहे हैं कि अगर सड़क पर दौड़ने की मनाही है तो इसका लिखित आदेश दिखाया जाए। वह बार-बार पूछते हैं कि किस अथॉरिटी ने यहां रनिंग पर रोक लगाई है।
- आदेश दिखाने के बजाय धमकाने लगेः लवेश के सवालों पर बाउंसर कोई लिखित आदेश दिखाते नजर नहीं आते। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती दिखाई देती है। आरोप है कि बात बढ़ने पर बाउंसरों ने रनर्स को धमकी भी दी।
- रनर ने पूरा विवाद कैमरे में किया रिकॉर्डः बहस के दौरान लवेश ने अपना मोबाइल निकालकर पूरी घटना रिकॉर्ड करनी शुरू कर दी। कैमरे में बाउंसरों की बहस, रनर्स के सवाल और मौके का माहौल कैद हो गया। बाद में लवेश ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने गुरुग्राम के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले डीएलएफ इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर देश के सबसे महंगे रिहायशी इलाकों में भी लोग सुबह शांति से दौड़ नहीं लगा सकते, तो आम जनता कहां जाएगी? अवैध रूप से क्यूआरटी गाड़ियां चलाने वाले इन बाउंसरों को सड़कों पर गुंडागर्दी करने का अधिकार किसने दिया?
मैराथन की तैयारी कर रहे धावकों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसे असामाजिक तत्वों और फर्जी सुरक्षा एजेंसियों पर तुरंत लगाम लगनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक की आजादी और सुरक्षा से खिलवाड़ न हो सके।
पार्क ड्राइव शहर का सबसे आलीशान एरिया
यह घटना पार्क ड्राइव इलाके में हुई है, जो गुरुग्राम के सबसे वीआईपी और आलीशान रिहायशी इलाकों में से एक है। यह डीएलएफ फेज 5 सेक्टर 54 में स्थित है। यह गोल्फ कोर्स रोड से सटा हुआ एक बेहद खूबसूरत, हरे-भरे पेड़ों से घिरा हुआ एवेन्यू और गेटेड कम्युनिटी है। इसे गुरुग्राम के सबसे एलीट अमीर और वीआईपी लोगों का ठिकाना माना जाता है।
इस इलाके में प्रॉपर्टी की कीमतें गुरुग्राम में सबसे ज्यादा हैं। साल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, यहां डीएलएफ पार्क प्लेस और क्रेस्ट में फ्लैट्स की शुरुआती कीमत लगभग ₹6.5 करोड़ से लेकर ₹16 करोड़+ तक जाती है। इससे चंद मिनट की दूरी पर कैमेलियास और मैंगोलियाज सुपर-लक्जरी सोसाइटी हैं, जहां 100 करोड़ के फ्लैट हैं।