पुलिस कार्रवाई ने भाजपा को बैकफुट पर धकेला:नवनिर्वाचित मेयर अनिल बोले-सरकार से मदद की उम्मीद कम, मगर बीकानेर के विकास की रुपरेखा रखेंगे

पहली बार नगर निगम चुनाव इतना रोचक और रोमांचक चुनाव हुआ। कांग्रेस पूर्ण बहुमत के बाद भी बाजार में फैली कांग्रेस टूटने की खबर से एक बार सहम गई थी। 27 सीटों वाली भाजपा ने माहौल ऐसा बनाया कि लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर जीत किसकी होगी। मगर चुनाव नतीजों ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी। कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर चुने गए। नतीजों के तुरंत बाद भास्कर ने कल्ला से बातचीत की।

Q| सरकार भाजपा की है, आपकी जीत का आधार क्या रहा? A| भाजपा अच्छा चुनाव लड़ सकती थी, मगर प्रशासन और पुलिस ने जो किया उसने उसे बैकफुट पर धकेला। बीकानेर ऐसा शहर है जो हिटलरशाही या नादिरशाही पसंद नहीं करता। कांग्रेस एकजुट थी मगर भ्रम फैलाया गया कि कांग्रेस टूट रही है। मुझे पार्टी ने सबकी सहमति से उम्मीदवार बनाया इसीलिए हम एकजुट थे। बाकी हमें ज्यादातर निर्दलीयों ने सहयोग किया।

Q| पूरे चुनाव को आप किस नजर से देखते हैं? A| जनादेश तो मतगणना वाले दिन ही हमारे पक्ष में था। कांग्रेस को 42 और भाजपा को 27 सीटें मिली थी। भाजपा को इस जनादेश का सम्मान करना नहीं आया। लोकतंत्र में जीत जितनी खूबसूरत होती है उससे कहीं ज्यादा हार खूबसूरत होती है क्योंकि वो आपको सबक देती है और गलतियां सुधारने का मौका देती है। हम भी चुनाव जीते हैं तो कई बार हारे भी हैं। हमने समीक्षा की और फिर वापस जीते। मगर भाजपा को हार नहीं पची। पुलिस और प्रशासन को आगे कर जनमत को पीछे धकेलने का प्रयास हुआ।

Q| अब आपके सामने क्या चुनौतियां होंगी क्योंकि आप राजस्थान में संभवत: इकलौते विपक्ष के मेयर होंगे? A| बात आपकी बिलकुल सही है। हम विपक्ष में हैं। सरकार से हमें सहयोग मिलने की उम्मीद कम है फिर भी हम सरकार के समक्ष बीकानेर के विकास की रूपरेखा रखेंगे। मेरा पहला फोकस निगम की खुद की आय बढ़ाना है ताकि सरकार की तरफ देखने की जरूरत कम पड़े।

Q| मेयर चुने जाने से पहले ही निगम ने 125 करोड़ के टेंडर कर दिए। निगम की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। A| अभी चुने गए हैं। बैठकर पूरा गणित पहले समझेंगे। हमें विश्वास है कि ऐसा रास्ता जरूर निकलेगा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ चुना वो पूरा कर सकें।

Q| दूसरे शहरों में स्मार्ट सिटी की मांग हो रही है। यहां निगम आगे ही पानी भरता है। A| बिल्कुल अहसास है। हम भी उसी राह पर चलेंगे। शुरूआत में दिक्कत हो सकती है पर कुछ सालों बाद स्थित सुधरेगी।