पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में उनके पिता विशाल अग्रवाल ने सोमवार को सिया गोयल के परिवार के सदस्यों के भी हत्या की साजिश में शामिल होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि सिया के पिता, मां, भाई, चाचा और चाची इसमें शामिल हो सकते हैं, हालांकि वह चार्जशीट पढ़ने के बाद ही इस बारे में विस्तार से कुछ कहेंगे।
विशाल ने केतन की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को मौत की सजा देने की मांग की है। उन्होंने कोर्ट से चार्जशीट की कॉपी देने, मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने और उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने निकम की नियुक्ति और फास्ट-ट्रैक ट्रायल के लिए सरकार से जरूरी अधिसूचना जारी करने का अनुरोध किया है।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने शनिवार को वडगांव मावल कोर्ट में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है। तीनों न्यायिक हिरासत में हैं और पुणे की येरवडा सेंट्रल जेल में बंद हैं।
गुप्त शादी की खबरों पर सवाल
सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी की सीक्रेट शादी की खबरों पर भी विशाल ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर दोनों की शादी पहले ही हो चुकी थी, तो सिया के परिवार ने उनके बेटे केतन से उसकी शादी कराने की कोशिश क्यों की।
विशाल अग्रवाल ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी संपर्क कर चुके हैं।
18 जून को लोहगढ़ किले पर हुई केतन की मौत
सिया और केतन की नवंबर 2025 में सगाई हुई थी। दोनों इस साल 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हो गई।
शुरुआत में इसे हादसा माना गया था और बताया गया था कि चट्टान के पास फोटो खिंचवाते समय उसका पैर फिसल गया।
जांच के दौरान किले के टिकट काउंटर के CCTV में हुडी पहना एक व्यक्ति दोनों का पीछा करता दिखाई दिया। पुलिस ने उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में की, जिसे सिया का प्रेमी बताया गया है।
चार्जशीट में हत्या की साजिश का आरोप
1. हादसा नहीं, हत्या की साजिश का आरोप: पुलिस के मुताबिक, केतन की मौत करीब 350-400 फीट गहरी खाई में गिरने से हुई। जांच के बाद पुलिस ने इसे हादसा नहीं, बल्कि कथित हत्या की साजिश बताया।
2. CCTV में हुडी पहना शख्स: टिकट काउंटर के CCTV फुटेज में केतन और सिया के पीछे हुडी पहना व्यक्ति नजर आया। पुलिस के मुताबिक, उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई।
3. चेतन ने मोबाइल दफ्तर में छोड़ा: पुलिस के अनुसार, 18 जून को चेतन के मोबाइल का इंटरनेट सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक बंद था। पुलिस का आरोप है कि उसने मोबाइल जानबूझकर दफ्तर में छोड़ा, ताकि उसकी लोकेशन घटनास्थल पर न मिले।
4. सिया-चेतन के बीच हजारों कॉल: पुलिस ने दोनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की। इसमें सिया-चेतन के बीच हजारों कॉल और कई लंबी बातचीत मिलने का दावा किया गया है। पुलिस ने इसे साजिश से जुड़ा डिजिटल सबूत बताया है।
5. 14 जून को भी लोहगढ़ ले गई थी: चार्जशीट के मुताबिक, 18 जून से चार दिन पहले सिया केतन को लोहगढ़ ले गई थी। पुलिस का आरोप है कि वहां भी उसे पहाड़ से धक्का देने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़कर बच गया।