हरियाणा-गैंगस्टर ढिल्ला के नाम का मंगलसूत्र पहन ससुराल पहुंचीं मेटाचान:टूटी-फूटी अंग्रेजी में बोलीं-मी मैरिड विद मैनपाल, सो हैप्पी; कंबोडियन बहू देख छलके मां के आंसू

हरियाणा के झज्जर का गैंगस्टर मैनपाल ढिल्ला गुरुवार देर रात साढ़े सात बजे अपनी कंबोडियन फ्रेंड मेटाचान से शादी रचा कर वापस जेल लौट गया। इसके लिए उसे 12 घंटे की पैरोल मिली थी। मैनपाल के जाने के बाद कंबोडिया से आई उसकी पत्नी मेटाचान तीन बच्चों के साथ अपने ससुराल बादली गांव पहुंचीं।

उसके चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। उसने मंगलसूत्र पहना हुआ था और परिवार के बीच काफी उत्साहित दिखाई दी। मेटाचान को हिंदी और अंग्रेजी नहीं आती, इसलिए परिवार के लोगों से बातचीत करने के लिए फोन के ट्रांसलेशन फीचर का सहारा लिया गया। मीडिया के सवालों के जवाब में उसने टूटी-फूटी अंग्रेजी में कहा-मी मैरिड विद मैनपाल। माइ नेम इज मेटा एंड स्टेइंग इंडिया, मैरिड विद मैनपाल। आई फील… आई एम सो हैप्पी। माई फोर बेबी। थ्री स्टेइंग हियर इन इंडिया, वन इन कंबोडिया। बिग ब्रदर बाहुबली, भगत, आस्था, एंड अदाना। ओनली कॉल विद मैनपाल। एंड नो प्रॉब्लम। आई एम हैप्पी विद माई मम्मी, पापा। (वह अपनी जिंदगी से बहुत खुश है। उसके कुल चार बच्चे हैं। तीन बच्चे यहां भारत में आए हैं, जबकि एक बच्चा कंबोडिया में रहता है। सबसे बड़े बेटे का नाम बाहुबली है, और बाकी तीनों के नाम भगत, आस्था और अदाना हैं। वह अपने मम्मी-पापा के साथ खुश है)

पति मैनपाल से बातचीत कैसे होती है? इस सवाल पर कहा कि वे लोग फोन (कॉल) पर बात करते रहते हैं। आखिर में वह कहती है कि उसके मम्मी-पापा (माता-पिता या सास-ससुर) भी बहुत खुश हैं।

उधर, करीब आठ साल बाद बेटे से मिलकर मैनपाल की मां रोशनी देवी भी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि अब बहू, पोता और पोती साथ हैं, इससे मैनपाल की कमी काफी हद तक पूरी होगी।

500 मेहमानों की मौजूदगी में निभाई शादी की रस्में

गांव बादली के फार्महाउस में गैंगस्टर मैनपाल ढिल्ला (45) और कंबोडियन मेटाचान (36) की शादी संपन्न हुई। मेटाचान फेरों के दौरान रेड लहंगा पहने नजर आई। जबकि ढिल्ला ने ऑफ वॉइट कलर की शेरवानी पहनी थी।

इस समारोह में 500 मेहमान शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षा के लिए 50 से भी अधिक पुलिसवाले तैनात किए गए थे। गेट पर आईडी, नाम और मोबाइल नंबर नोट कर मेहमानों को एंट्री दी गई। ढिल्ला को सुबह करीब 8 बजे फार्म हाउस लाया गया था और शादी के बाद रात 8 बजे ढिल्ला वापस जेल लौट गया।

  • 12 सितंबर को तीन बच्चों के साथ भारत आई थी : ससुराल पहुंचने पर मेटाचान का भव्य स्वागत किया गया। यहां उसने परिवार से बातचीत के लिए फोन के ट्रांसलेशन फीचर का सहारा लिया। बताया कि वह 12 सितंबर को अपने तीन बच्चों के साथ भारत आई थी। उसके साथ दो बेटे और एक बेटी थी। वह एक बेटी को अपने माता-पिता के पास छोड़कर आई है। अब मैनपाल की अनुपस्थिति में मेटाचान और बच्चे परिवार के साथ रहेंगे।
  • परिवार ने समझाया मंगलसूत्र का महत्व : शादी के बाद मेटाचान मंगलसूत्र पहनकर काफी खुश नजर आई। परिवार के लोगों ने जब उसे मंगलसूत्र के महत्व के बारे में समझाया तो उसने मंगलसूत्र को हाथ में पकड़कर उसे समझने की कोशिश की। शादी के बाद ससुराल पहुंची मेटाचान के लिए यह परिवार के साथ नई जिंदगी की शुरुआत का पहला दिन रहा।
  • मुस्कुराते हुए इशारों से प्रतिक्रिया देती नजर आईं: परिवार की बातचीत समझने में जब मेटाचान को परेशानी होती तो वह मुस्कुराते हुए इशारों से प्रतिक्रिया देती नजर आईं। भाषा की दूरी के बावजूद परिवार के सदस्यों के साथ घुलने-मिलने की कोशिश करती दिखाई दी। बच्चे भी खूब मस्ती करते दिखे।

मां रोशनी बोली- आठ साल बाद बेटे से मिलकर बहुत खुशी हुई

मैनपाल की मां रोशनी ने बेटे की शादी के बाद भावुक होते हुए कहा कि आठ साल बाद बेटे से मिलकर बहुत खुशी हुई है। अब बहू, पोता और पोती साथ हैं, इससे मैनपाल की कमी काफी हद तक पूरी होगी।

बता दें कि ढिल्ला 2018 में पैरोल से फरार होकर कंबोडिया भाग गया था। वहां उसने बीयर बार और रेस्टोरेंट का कारोबार शुरू किया। इसी दौरान उसका मेटाचान से अफेयर हो गया। इसके बाद दोनों साथ रहने लगे, जिन्हें अब शादी की।

विदेशी महिला से बेटी की शादी को लेकर पूछे गए सवाल पर मां रोशनी ने कहा कि मेटाचान जल्द ही परिवार में घुल-मिल जाएगी। भाषा की समस्या जरूर है, लेकिन परिवार के लोग उसे समझने और उसके साथ तालमेल बनाने की कोशिश करेंगे।

कंबोडिया में रहता है मेटाचान का परिवार

36 वर्षीय मेटाचान के परिवार में माता-पिता, दो बहनें और एक भाई हैं। वह अपने तीन बच्चों के साथ शादी के लिए भारत आई है। वहीं, 45 वर्षीय मैनपाल के परिवार में तीन भाई और दो बहनें हैं। उसके पिता का निधन हो चुका है, जबकि मां परिवार में हैं।

हत्या समेत 22 केस, तीन में उम्रकैद

मैनपाल करीब 25 साल से अपराध की दुनिया में आया था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, आपराधिक साजिश और अवैध हथियारों से जुड़े 22 मामले दर्ज बताए गए हैं। इनमें से तीन हत्या के मामलों में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

2014 में भोंडसी जेल में बंद रहने के दौरान भी एक कैदी की हत्या के मामले में उसका नाम आया था। इसके अलावा वह कई अन्य आपराधिक मामलों में भी वांछित रहा है। 2018 में पैरोल से फरार होने के बाद पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित किया था।