‘एक फीट का फासला था, ट्रक मुझे भी रौंद देता’:वाराणसी हादसे में जिंदा बचे युवक ने बताया मंजर, 5 मिनट में बिखरी 5 लाशें

वाराणसी में ओवरब्रिज पर स्कॉर्पियो रोककर सेल्फी ले रहे 5 दोस्तों की मौत हो गई। 3 की हालत गंभीर है। हादसे में राजकुमार जिंदा बच गए। उन्होंने बताया- यूरीन करने के लिए NH-19 के ओवरब्रिज पर स्कॉर्पियो रोकी थी। सभी लोग गाड़ी से उतरकर आगे चले गए।

मैं गाड़ी के पीछे करीब 5 फीट की दूरी पर यूरीन कर रहा था। गाड़ी से उतरे हुए 5 मिनट हुए थे। तभी ट्रक ने स्कॉर्पियो में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दो लोग पुल से 30 फीट नीचे गिर गए। बाकी लोग हवा में उछलकर सड़क पर गिरे। ट्रक सभी को रौंदते हुए आगे निकल गया। एक फीट का फासला नहीं होता तो मैं भी रौंदा जाता।

दरअसल, सोमवार सुबह 6 बजे प्रयागराज-वाराणसी हाईवे (NH-19) के ओवरब्रिज पर ट्रक ने स्कॉर्पियो में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि लाशें 25 फीट तक बिखर गईं। स्कॉर्पियो का आधा हिस्सा गायब हो गया।

3 दोस्तों के शव ओवरब्रिज पर, जबकि एक का शव 30 फीट नीचे गिर गया। एक युवक भी ओवरब्रिज के नीचे तड़पता मिला। हादसे के करीब 12 घंटे बाद एक घायल की अस्पताल में मौत हो गई। हादसे में आनंद यादव (25), आलोक मिश्रा (30), प्रदीप सिंह (36), विद्वांशु यादव (30) और किशन यादव (35) की मौत हुई है।

घायलों में सावन यादव (26), राजकुमार यादव (35) और निखिल (32) शामिल हैं। सभी घायलों का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। हादसा जिला मुख्यालय से 27 किमी दूर मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के रूपापुर गांव में हुआ।

राजकुमार बोले- होश आया तो दोस्तों की लाशें बिखरी दिखीं

राजकुमार यादव ने बताया- हम सभी लोग विंध्याचल से दर्शन कर लौट रहे थे। सुबह 4:30 बजे वहां से निकले थे। सुबह करीब 6 बजे हादसा हो गया। हादसा देखकर मैं बेसुध होकर सड़क पर गिर पड़ा। वहां आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पानी की छीटें मारकर मुझे होश में लाया।

मैंने देखा कि सड़क पर लाशें बिखरी पड़ी थीं। स्कॉर्पियो का आधा हिस्सा खत्म हो चुका था। मैंने अपनी बुआ के लड़कों को फोन किया। उनके पहुंचने पर एम्बुलेंस बुलाई गई। राजकुमार ने बताया कि स्कॉर्पियो मेरे मामा का लड़का कन्हैया यादव चला रहा था।

पुलिस ने ट्रक के हेल्पर को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, ड्राइवर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। राजकुमार ने बताया कि गाड़ी में कोई भी मेरा दोस्त नहीं था। सभी मेरे मामा के लड़के कन्हैया के दोस्त थे। मैं उनके साथ गया था।

सोमवार देर शाम आलोक मिश्रा, प्रदीप सिंह, आनंद यादव और विद्वांशु यादव के शवों का मणिकर्णिका घाट अंतिम संस्कार कर दिया गया।

ट्रक 80 से 90 की स्पीड में था, ड्राइवर भागा

पुलिस के मुताबिक, ट्रक भी प्रयागराज से वाराणसी की तरफ आ रहा था। उसमें सेब लदा था। ट्रक की स्पीड 80 से 90 किमी के बीच थी। यही वजह है कि ओवरब्रिज पर अचानक स्कॉर्पियो खड़ी देखकर ड्राइवर ट्रक संभाल नहीं पाया। पीछे से स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी।

इससे स्कॉर्पियो करीब 30-40 मीटर तक आगे घिसटती चली गई। सभी 8 दोस्त भी गाड़ी के आसपास खड़े थे। ट्रक उनमें से 4 दोस्तों को रौंदता निकल गया, जबकि बाकी 4 दोस्त भी ट्रक की चपेट में आ गए।

हादसे के बाद करीब 200 मीटर दूर ड्राइवर ट्रक छोड़कर भाग गया। CCTV फुटेज की मदद से पुलिस ड्राइवर को ट्रेस करने में जुटी है। जांच में स्कॉर्पियो के अंदर प्रसाद के डिब्बे, नारियल और चुनरी मिली।

निखिल के जन्मदिन पर विंध्याचल धाम गए थे दोस्त

निखिल के जन्मदिन पर सभी दोस्त विंध्याचल दर्शन करने गए थे। दर्शन करने के बाद सभी दोस्तों ने फोटो खिंचवाई। फोटो में 7 लोग दिख रहे हैं, जबकि 8वां दोस्त फोटो खींच रहा है।

प्रदीप ई-कॉमर्स कंपनी में मैनेजर, विद्वांशु ठेकेदारी करते थे

1. आलोक मिश्रा- पिसौर, शिवपुर के रहने वाले थे। पिता अजय किसान और मां उर्मिला गृहिणी हैं। 3 भाई-बहनों में आलोक दूसरे नंबर के थे। 12वीं तक की पढ़ाई की है। पिता ने बताया- 5 दिन बाद JIO कंपनी में जॉइन करने वाले थे।

2. विद्वांशु यादव- वीडीए कॉलोनी शिवपुर के रहने वाले थे। ठेकेदारी करते थे। 3 भाइयों में दूसरे नंबर के थे। पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी निभा रहे थे। मां मृदुला देवी हाउसवाइफ हैं।

3. प्रदीप सिंह- चोलापुर के रहने वाले थे। ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में मैनेजर के पद पर थे। इनका एक बेटा है। मौत की सूचना मिलने पर पत्नी सोना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

4. आनंद यादव- शिवपुर के रहने वाले थे।

5. किशन यादव-

चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे

5 लोगों की मौत की सूचना पर चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी। इससे पहले घटनास्थल पर सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ भी पहुंचे।

इंस्पेक्टर मिर्जामुराद गोपालजी कुशवाह ने बताया-आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि कार सवार लोग ओवरब्रिज पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। हालांकि, हादसे की असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।