तरनतारन में जेल से आए व्यक्ति की गोली मारकर हत्या:गैंगस्टर लांडा ने जिम्मेदारी ली, लिखा- इसने ASI की मुखबिरी की, यह बदला हुआ

तरनतारन में बुधवार देर शाम एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक पर आए नकाबपोश हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और फरार हो गए। मृतक की पहचान कुलदीप सिंह (40) के रूप में हुई है। वह नौशहरा पन्नुआं का रहने वाला था और घरों में पेंटिंग का काम करता था।

पुलिस के अनुसार, कुलदीप कल ही पुलिस हिरासत से छूटकर आया था और बाल कटवाने के लिए नाई की दुकान पर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उस पर हमला हुआ। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस टीम पहुंची और जांच शुरू की।

इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लंडा और सत्ता ने ली है। इससे संबंधित एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें लिखा है कि कुलदीप ने ASI इकबाल की रेकी की थी। इसलिए, कुलदीप की हत्या उनकी हत्या का बदला है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है और दैनिक भास्कर भी इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता।

पुलिस ने हत्या को रंजिश का नतीजा बताया

पट्टी के DSP रवि शेर सिंह ने बताया है कि बुधवार को हुआ कुलदीप सिंह का कत्ल आपसी गैंगस्टर रंजिश का नजीता है। इस मामले की जांच के लिए केस दर्ज कर लिया है। तरनतारन के SP रिपुदमन सिंह का कहना है कि 2 बाइक सवारों की तलाश की जा रही है। ये वारदात को अंजाम देकर गए। आरोपियों को जल्द काबू किया जाएगा।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नौशहरा पन्नुआं गांव में 11 अक्टूबर की शाम को ASI इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर इस हत्या की जिम्मेदारी ली गई। डोनी बल से बदला लेने के लिए कुलदीप सिंह की हत्या की गई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कुलदीप सिंह को ASI इकबाल सिंह की हत्या में मुखबिरी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। उसके बेटे मनप्रीत सिंह पर भी आरोप है कि वह भी ASI इकबाल सिंह की रेकी में शामिल था। इसलिए, दोनों बाप-बेटों को सरहाली पुलिस ने हिरासत में लिया था।

पूछताछ के बाद बुधवार को ही कुलदीप को छोड़ा गया था। जबकि, उसका बेटा अब भी पुलिस की हिरासत में है। बुधवार शाम करी साढ़े 6 बजे कुलदीप नाई की दुकान पर बाल कटवाने जा रहा था। इसी दौरान उस पर नकाबपोशों ने फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई।

गैंगस्टरों ने पोस्ट शेयर कर जिम्मेदारी ली

इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लांडा ने सोशल मीडिया पोस्ट वायरल कर ली है। पोस्ट में उसने लिखा है कि तरनतारन जिले में जवाबी कार्रवाई की गई है। लंडा हरिके और सत्ता नौशहरा गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिलवाया है। इसमें लिखा है कि ASI इकबाल सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए कुलदीप सिंह को मारा गया है। इसने ही इकबाल सिंह की मुखबिरी की थी।

पत्नी के सामने हुई ASI इकबाल सिंह की हत्या

55 वर्षीय ASI इकबाल सिंह फिरोजपुर में काउंटर इंटेलिजेंस विंग (CIA स्टाफ) में तैनात थे। वह रोजाना अपने दफ्तर से नौशहरा पन्नुआं स्थित अपने घर बाइक से आते-जाते थे। 11 अक्टूबर की शाम करीब साढ़े 7 बजे जब वह दफ्तर से लौटने के बाद गांव के स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में माथा टेक कर लौट रहे थे, तभी नौशहरा-लोहका रोड पर पटवारखाने के पास बाइक सवार दो नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।

हमलावरों ने बेहद नजदीक से उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। उनकी छाती और ऊपरी हिस्से में 2 से 4 गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के समय कथित तौर पर उनकी पत्नी भी कुछ दूरी पर मौजूद थीं। सोशल मीडिया पर विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल के नाम से एक पोस्ट डालकर इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया गया था।

ASI पर गैंगस्टर लांडा की मदद के आरोप

इन पोस्ट में आरोप लगाया गया कि ASI इकबाल सिंह अंदरूनी तौर पर गैंगस्टर लांडा हरिके की मदद कर रहे थे। विरोधी गैंग का दावा है कि इकबाल सिंह अपनी पुलिस पोजीशन का फायदा उठाकर लांडा हरिके को इनपुट दे रहे थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया। हालांकि, पुलिस इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है।

एक महीने पहले हुई भतीजे की हत्या

पुलिस जांच में इस हत्या के तार गैंगवार और पुरानी दुश्मनी से जुड़ते दिखे। ठीक एक महीने पहले 11 सितंबर को इकबाल सिंह के भतीजे अजमीत सिंह की भी इसी तरह बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अजमीत सरहाली थाने पर हुए आरपीजी हमले का आरोपी था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस आतंकी हमले का मास्टरमाइंड कनाडा में बैठा लांडा हरिके ही था।

लांडा हरिके ने पंजाब में इस हमले को अंजाम देने के लिए स्थानीय स्तर पर जिन लड़कों को जोड़ा था, उनमें अजमीत सिंह मुख्य आरोपी था। अजमीत इसी साल अगस्त में जमानत पर बाहर आया था और सितंबर में विरोधी गैंग ने उसकी हत्या कर दी।

पारिवारिक और गैंगवार की रंजिश का शक

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में एक और एंगल गैंगवार की आपसी रंजिश का भी है। जांच के मुताबिक, ASI इकबाल सिंह का बेटा कोमल पन्नू भी एक संदिग्ध भगोड़ा है और उसके संबंध भी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं को मिलाकर देख रही है कि यह हमला विरोधी गैंग द्वारा लांडा हरिके के नेटवर्क को कमजोर करने और पुरानी हत्याओं का बदला लेने के लिए किया गया है।