उदयपुर संभाग के 2 हजार मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत:आरएनटी में किडनी ट्रांसप्लांट जल्द, 1 करोड़ के उपकरणों से ओटी-आईसीयू तैयार

उदयपुर संभाग के हजारों किडनी मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रवींद्रनाथ टैगोर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट को फिर से शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। वर्ष 2024 में अधूरी तैयारियों के कारण अनुमति अटकने के बाद इस बार कॉलेज प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। अगले दो महीनों के भीतर अनुमति के लिए फाइल जयपुर भेजी जाएगी और जांच दल को निरीक्षण के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

यूनिट को पूरी तरह से सुसज्जित करने के लिए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के 5वें माले पर जुड़वां ऑपरेशन थिएटर (ट्विन ओटी) और आईसीयू तैयार किए गए हैं। इनमें 1 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के आधुनिक उपकरण मंगवाए गए हैं, जिसमें केवल ट्विन ओटी पर ही 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं। वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील गोखरू ने बताया कि हमने अपनी तरफ से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जल्द ही फाइल जयपुर भेजेंगे ताकि प्राधिकृत अधिकारी की जांच टीम आकर व्यवस्थाओं को मंजूरी दे सके।

यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट के साथ सर्जन-फिजिशिन व नर्सेज होंगे तैनात

यूरोलॉजिस्ट : डॉ. सुनील गोखरू और डॉ. संदीप पुरोहित। नेफ्रोलॉजिस्ट : डॉ. पंकज बेनीवाल, डॉ. हर्षा माखिजा और डॉ. जयदीप डामोर (एक डॉक्टर को छोड़कर अन्य को विशिष्ट प्रशिक्षण दिया जाएगा)। अन्य स्टाफ : 2 असिस्टेंट सर्जन, 2 फिजिशियन और 25 अनुभवी नर्सिंग स्टाफ की तैनाती तय की गई है।

निजी अस्पतालों में 5 से 18 लाख रु. तक आता है खर्च

सुविधा शुरू होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी आर्थिक राहत मिलेगी।

स्रोत: आरएनटी मेडिकल कॉलेज

सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. गोखरू के अनुसार सर्जरी पूर्व जांचों में ही 50,000 से 1,00,000 रु. खर्च आता है। इसके अलावा आजीवन दवाओं पर शुरुआती महीनों में 15 से 25 हजार रुपए प्रति माह और बाद में 8,000 से 12,000 रु. माह खर्च होते हैं।

तैयारी पूरी, सिर्फ मंजूरी चाहिए, लोगों को भी आगे आना होगा

हमारी ओर से प्रशासनिक और चिकित्सीय तैयारियां पूरी हैं। अनुमति मिलते ही सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। लेकिन इस पहल को पूरी तरह सफल बनाने के लिए आम जनता को भी अंगदान के प्रति जागरूक होकर आगे आना होगा, ताकि जरूरतमंदों को नया जीवन दिया जा सके। -डॉ. राहुल जैन, प्राचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज

लंबी वेटिंग…उदयपुर संभाग में 100 से अधिक मरीज कैडेवर डोनर के इंतजार में

उदयपुर संभाग में क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी स्टेज-5) के करीब 1,500 से 2,000 मरीज नियमित डायलिसिस या इलाज पर निर्भर हैं। स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटो) की आधिकारिक वेट लिस्ट में दर्ज 1,000 मरीजों में से औसतन 80 से 120 मरीज अकेले उदयपुर संभाग से हैं, जो कैडेवर (अंगदाता) का इंतजार कर रहे हैं। सरकारी सुविधा न होने से मरीजों को निजी अस्पतालों या अहमदाबाद और जयपुर जाना पड़ता है।