एक मंच पर नजर आए फडणवीस, उद्धव और राज ठाकरे:सीएम बोले- इसमें हैरानी की बात नहीं, यह महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा

मुंबई में गुरुवार को एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे एक मंच पर नजर आए।

यह कार्यक्रम 75 कार्टूनिस्टों के काम और उनके परिचय पर आधारित पुस्तक के विमोचन के लिए आयोजित किया गया था। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में हमेशा से अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच बातचीत और आपसी मेलजोल की परंपरा रही है।

इस दौरान फडणवीस ने कहा- मुझे नहीं पता कि कुछ लोग हमें एक मंच पर देखकर हैरान क्यों हुए। हम हैरान नहीं हैं। यह महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है। अलग-अलग पार्टियों के नेता एक ही कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, साथ में हंस सकते हैं और चाय भी पी सकते हैं।”

फडणवीस ने उद्धव ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा- 2019 तक जब भी उद्धवजी मुझे बुलाते थे, मैं जाता था। 2019 के बाद उन्होंने फोन नहीं किया। मैं इंतजार कर रहा था।

गौरतलब है कि 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद साझा करने के मुद्दे पर भाजपा और अविभाजित शिवसेना के बीच गठबंधन टूट गया था। इसके बाद दोनों दल एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बन गए।

राज ठाकरे बोले- कुछ मंच राजनीति से अलग होते हैं

वहीं, राज ठाकरे ने कहा कि लोग सोच रहे होंगे कि तीनों नेता आज एक मंच पर कैसे आ गए। कुछ मंच ऐसे होते हैं, जहां सभी लोग राजनीति को अलग रखकर एक साथ आते हैं. ऐसे कार्यक्रमों में राजनीति के बजाय कला और संस्कृति पर चर्चा होती है।

राज ठाकरे ने आगे कहा कि लोग सोच रहे होंगे कि तीनों नेता आज एक मंच पर कैसे आ गए। कुछ मंच ऐसे होते हैं, जहां सभी लोग राजनीति को अलग रखकर एक साथ आते हैं।

ऐसे कार्यक्रमों में राजनीति के बजाय कला और संस्कृति पर चर्चा होती है। इस तरह के मंचों पर अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा वाले लोगों का साथ आना स्वाभाविक है।

फडणवीस ने राज ठाकरे से कहा था- मेरा कार्टून बनाओ तो नाक थोड़ी बड़ी बनाना

फडणवीस ने पुस्तक ‘महाराष्ट्र ची हास्यरेषा’ तैयार करने के लिए संपादक प्रशांत कुलकर्णी और ग्रंथाली संस्था को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह संग्रह पुराने कार्टूनों को उनके ऐतिहासिक संदर्भों के साथ सुरक्षित रखने का महत्वपूर्ण काम करता है।

इस दौरान फडणवीस ने मजाकिया अंदाज में याद किया कि उन्होंने राज ठाकरे से कहा था कि अगर वह कभी उनका कार्टून बनाएं, तो उनकी नाक थोड़ी बड़ी बनाएं।

वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा कि किसी भी कार्टूनिस्ट का ब्रश उसका सबसे बड़ा हथियार होता है। उन्होंने बताया कि बाल ठाकरे के निर्माणाधीन स्मारक में उनके बनाए कार्टून भी रखे जाएंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कार्यक्रम में विमोचित पुस्तक को एक अनमोल खजाना बताया, जिसमें करीब 100 वर्षों का इतिहास समेटा गया है।