ऑनलाइन क्लास में हैकरों की सेंध, कानपुर में छात्राओं को आ रहीं अंजान नंबर से कॉल

लॉकडाउन के दौरान शुरू हुई ऑनलाइन क्लासेज को साइबर अपराधी निशाना बना रहे हैं। इसकी जानकारी तब हुई, जब छात्राओं व शिक्षिकाओं के पास अंजान नंबरों से फोन आने शुरू हुए। कई छात्राओं ने बदनामी व अभिभावकों की डांट से बचने के लिए किसी को नहीं बताया। कुछ ने साहस करके पुलिस से शिकायत की, लेकिन आरोपित अब तक नहीं पकड़े जा सके हैं।

दिसंबर में रेलबाजार की छात्रा ने साइबर सेल में फेसबुक पर फर्जी आइडी बनाने की शिकायत की थी। पुलिस अब तक आइडी बनाने वाले का यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) भी पता नहीं कर सकी है। इसी तरह 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने भी साइबर सेल में इसी तरह की शिकायत की। अभी उसकी जांच चल रही है। कोहना थाने में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच तो शुरू की, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।

केस-1 : कोहना के एक बालिका विद्यालय की ऑनलाइन क्लास में कुछ माह पहले साइबर अपराधियों ने सेंध लगा दी। अपराधी विभिन्न नंबरों से छात्राओं व शिक्षिकाओं को फोन करके परेशान करने लगे। बाद में उन्होंने फेसबुक आइडी भी फर्जी बनानी शुरू कर दीं और उस पर अश्लील फोटो व कमेंट अपलोड करने लगे। प्रधानाचार्य ने मुकदमा लिखाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।केस-2 : माल रोड स्थित एक स्कूल की ऑनलाइन क्लास को साइबर अपराधी ने हैक करके तमाम छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के नंबर हासिल कर लिए। कुछ विद्याॢथयों को परेशान किया। विरोध पर उसने गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी भी दी। साइबर सेल में शिकायत हुई, लेकिन पुलिस आरोपित को ट्रेस नहीं कर सकी।

यशोदानगर की एक छात्रा ने पिछले वर्ष जुलाई में साइबर क्राइम थाने में फर्जी आइडी बनाए जाने के आरोप में मुकदमा लिखाया था। जांच में सामने आया कि छात्रा के साथ पढऩे वाली एक सहेली ने उसकी फर्जी आइडी बनाई थी। बाद में पुलिस ने उस छात्रा के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था।

  • अंजान नंबरों से फोन आने और छात्राओं की फर्जी फेसबुक आइडी बनाए जाने की शिकायतें आई हैं। उन सभी में ब्योरा मांगा गया है। कुछ सुराग मिले हैं। आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। -डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी क्राइम।