महोबा जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र के भंडरा गांव में एक ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) संचालक के खिलाफ 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।
भंडरा गांव निवासी गीता कुशवाहा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता चुन्नू, निवासी पहरा, ने 14 जून 2019 को उन्हें जमीन खरीदने के लिए 12 लाख रुपये दिए थे। जब जमीन का सौदा नहीं हो पाया, तो गीता ने यह राशि इलाहाबाद बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक बालेंद्र कुशवाहा को अपने बैंक खाते में जमा करने के लिए दी।
दो महीने बाद गीता को पता चला कि उनके खाते में एक भी रुपया जमा नहीं हुआ था। जांच में सामने आया कि बालेंद्र ने 12 लाख रुपये में से 10 लाख रुपये अपने निजी खाते में जमा कर लिए थे, जबकि शेष 2 लाख रुपये खर्च कर दिए थे।
जब गीता ने बालेंद्र से अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने पहले तो आश्वासन दिया, लेकिन बाद में रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया। कई बार पैसे मांगने पर बालेंद्र ने गीता के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी।
इस घटना से परेशान होकर गीता ने पहले श्रीनगर पुलिस से शिकायत की। जब वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत भेजी। वहां से भी न्याय न मिलने पर गीता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश के बाद अब आरोपी बालेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
महोबा जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र के भंडरा गांव में एक ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) संचालक के खिलाफ 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।
भंडरा गांव निवासी गीता कुशवाहा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता चुन्नू, निवासी पहरा, ने 14 जून 2019 को उन्हें जमीन खरीदने के लिए 12 लाख रुपये दिए थे। जब जमीन का सौदा नहीं हो पाया, तो गीता ने यह राशि इलाहाबाद बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक बालेंद्र कुशवाहा को अपने बैंक खाते में जमा करने के लिए दी।
दो महीने बाद गीता को पता चला कि उनके खाते में एक भी रुपया जमा नहीं हुआ था। जांच में सामने आया कि बालेंद्र ने 12 लाख रुपये में से 10 लाख रुपये अपने निजी खाते में जमा कर लिए थे, जबकि शेष 2 लाख रुपये खर्च कर दिए थे।
जब गीता ने बालेंद्र से अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने पहले तो आश्वासन दिया, लेकिन बाद में रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया। कई बार पैसे मांगने पर बालेंद्र ने गीता के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी।
इस घटना से परेशान होकर गीता ने पहले श्रीनगर पुलिस से शिकायत की। जब वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत भेजी। वहां से भी न्याय न मिलने पर गीता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश के बाद अब आरोपी बालेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।