पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। चुनाव आयोग (EC) ने आठवीं सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करते हुए बताया कि अब तक करीब 52 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। यह प्रक्रिया कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत चल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कुल मामलों में से 35 से 40 प्रतिशत नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं। अभी लगभग 8 लाख मामलों पर काम जारी है, जिसे अगले चार दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो 7 अप्रैल तक पूरी प्रक्रिया समाप्त हो सकती है।
मुख्यमंत्री के इन आरोपों के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। AJP प्रमुख लुरिनज्योति गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए “हिंदू-मुस्लिम” की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक उम्मीदवार की बजाय उसकी मां को निशाना बनाना गलत है। 27 वर्षीय कुंकी चौधरी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं और गुवाहाटी सेंट्रल सीट से बीजेपी नेता विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ मैदान में हैं। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आरोप पूरी तरह गलत हैं और इससे साफ है कि विपक्ष उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराया हुआ है। असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे। ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी माहौल और ज्यादा गरमाता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि श्रीरंगम से उम्मीदवार दुराईराज की जीत केवल उनकी निजी सफलता नहीं, बल्कि पार्टी नेतृत्व की जीत होगी। नेहरू ने याद दिलाया कि पिछले चुनाव में डीएमके ने त्रिची की सभी नौ सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे मतदाताओं की पहचान करें और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने समाज के हर वर्ग से समर्थन जुटाकर एक मजबूत चुनावी आधार तैयार करने को कहा। नेहरू ने कार्यकर्ताओं से दुराईराज की बड़ी जीत सुनिश्चित करने और स्टालिन के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाने की अपील की।