Asaduddin Owaisi, जो All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) के प्रमुख हैं, ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए तीखा बयान दिया, जिसमें उन्होंने अपने विरोधियों और सत्ता पक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ मुख्यमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं कि “हमारी कमर तोड़ देंगे” और “हमारा जीना हराम कर देंगे”, लेकिन ऐसे बयान लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ हैं और इससे राजनीतिक संवाद का स्तर गिरता है। ओवैसी ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें डराने या दबाने की कोशिशें नई नहीं हैं, लेकिन उनकी पार्टी और विचारधारा किसी भी तरह के दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “हमें खत्म करने वाले सुन लें, दुनिया तब तक जिंदा रहेगी जब तक मियां जिंदा रहेगा,” जो उनके समर्थकों के बीच एक भावनात्मक और जोशीला संदेश देने का प्रयास था।
ओवैसी ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति संविधान और कानून के दायरे में रहकर की जाती है, और वे अपने अधिकारों और समुदाय की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें जानबूझकर भय और विभाजन की राजनीति कर रही हैं, जिससे समाज में तनाव बढ़ता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लड़ती रही है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की बयानबाजी से न तो उनकी पार्टी कमजोर होगी और न ही उनके समर्थकों का मनोबल टूटेगा। बल्कि इससे वे और मजबूत होकर सामने आएंगे। ओवैसी ने यह स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार की धमकी से डरने वाले नहीं हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। कुल मिलाकर, उनका यह बयान राजनीतिक माहौल में बढ़ती तीखी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच आया है, जो दर्शाता है कि आने वाले समय में राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है, लेकिन उन्होंने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि वे हर चुनौती का सामना मजबूती से करेंगे।