हरियाणा में राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत निजी स्कूलों में दाखिलों को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। निदेशालय प्राथमिक शिक्षा ने सभी 4703 प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि 2026-27 सत्र के लिए आवंटित 21,752 विद्यार्थियों के दाखिले 9 मई तक हर हाल में पूरे किए जाएं।
विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल से शुरू हुई एडमिशन प्रक्रिया में कई अभिभावकों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। आरोप है कि कुछ स्कूल जानबूझकर दाखिले में देरी कर रहे हैं या नियमों के विरुद्ध कारण बताकर मना कर रहे हैं। विभाग ने इसे RTE एक्ट का उल्लंघन मानते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ऑनलाइन पोर्टल पर होगी हर छात्र की मॉनिटरिंग
दाखिलों में पारदर्शिता लाने के लिए विभाग ने एक ऑनलाइन ट्रैकिंग पोर्टल शुरू किया है। सभी स्कूलों को अपने MIS लॉगिन से हर छात्र की स्थिति रोज अपडेट करनी होगी। इसमें स्पष्ट करना होगा कि एडमिशन स्वीकार किया गया है या अस्वीकार।
बिना ठोस कारण के रिजेक्शन नहीं चलेगा
यदि किसी छात्र का दाखिला खारिज किया जाता है, तो स्कूल को पोर्टल पर तय विकल्पों में से कारण चुनना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि कारण RTE नियमों के अनुरूप हो। मनमाने ढंग से दाखिला रद्द करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मान्यता रद्द तक की चेतावनी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध दस्तावेजी कारण के एडमिशन से इनकार करने वाले स्कूलों के खिलाफ RTE एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। सभी जिला व ब्लॉक स्तर की मॉनिटरिंग कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों का तुरंत समाधान करें और अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।
अब जानिए इन आधार पर चेक हो रहे हैं डाक्यूमेंट…
1. आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी हो
विद्यालय स्तरीय समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन पहले से तय आधारों पर करें, जिनमें यह शर्त भी शामिल है कि आवेदक हरियाणा का निवासी हो और उसके पास वैध निवास प्रमाण पत्र हो। इसके अलावा 0-1 किमी या 1-3 किमी के दायरे में आना चाहिए, जैसा कि पड़ोस के मानदंडों के तहत आवंटन में निर्धारित है।
2. एड्रेस को लेकर ये रहेंगे नियम
हाल ही में, निदेशालय ने पड़ोस के मानदंडों के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि कक्षा 1 और पूर्व-प्राथमिक तथा प्राथमिक कक्षाओं में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर विद्यालय से 0 से 1 किलोमीटर की दूरी के भीतर रहने वाले पात्र बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। यदि कोई विद्यालय 1 से 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र बच्चों को ‘स्वैच्छिक रूप से’ प्रवेश देता है, तो विभाग नियमों के अनुसार प्रतिपूर्ति करेगा।
3. डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद ही एडमिशन
निदेशालय के अनुसार, प्रवेश अस्थायी होगा और डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद ही इसकी पुष्टि की जाएगी। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि यदि प्रवेश अस्वीकृत होता है, तो विद्यालय को विभाग के पोर्टल पर इसका स्पष्ट कारण बताना होगा।
सभी विद्यालय यह सुनिश्चित करेंगे कि स्वीकृत या अस्वीकृत सभी प्रवेशों की जानकारी पोर्टल पर दी जाए।
4. ब्लॉक लेवल कमेटी करेगी मॉनिटरिंग
सभी अस्वीकृत मामलों का विवरण समीक्षा के लिए ब्लॉक-स्तरीय निगरानी समिति को प्रस्तुत किया जाएगा। समिति लागू नियमों के अनुसार शिकायतों की समीक्षा और समाधान करेगी। यदि किसी शिकायत का समाधान पांच दिनों के भीतर नहीं होता है, तो उसे प्रथम अपीलीय समिति और फिर अंतिम अपीलीय प्राधिकारी को भेजा जाएगा।