अमेरिका के शिकागो के पास सड़क हादसे में 25 वर्षीय भारतीय छात्रा नव्या गडुसु की मौत हो गई। हादसे में 6 अन्य लोग घायल हुए हैं। हादसा शनिवार देर रात इंडियाना राज्य के लेक काउंटी में इंटरस्टेट-65 हाईवे पर हुआ।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नव्या गडुसु को रात 12:16 बजे मृत घोषित किया गया। लेक काउंटी कोरोनर ऑफिस ने बताया कि उनकी मौत सड़क हादसे में लगी गंभीर चोटों की वजह से हुई।
शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह पीड़ित परिवार के संपर्क में है। कांसुलेट ने X पर लिखा, “हम भारतीय छात्रा नव्या गडुसु की सड़क हादसे में मौत से बेहद दुखी हैं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं।”
इंडियाना स्टेट पुलिस के मुताबिक, हादसा शनिवार रात करीब 11:15 बजे हुआ। सात लोगों को लेकर जा रही लाल रंग की मिनीवैन एक खराब वाहन के पीछे 10-15 मील प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से चल रही थी।
इसी दौरान पीछे आ रही दूसरी कार के ड्राइवर को मिनी वैन की धीमी रफ्तार का अंदाजा नहीं हुआ। उसने बचने के लिए कार मोड़ने की कोशिश की, लेकिन कार मिनीवैन के बाएं हिस्से से टकरा गई।
टक्कर के बाद मिनीवैन सड़क से उतरकर खाई में जा गिरी। पुलिस ने बताया कि मिनी वैन में सिर्फ आगे की दो सीटें थीं। बाकी पांच लोग आम के डिब्बों पर बिना सीट बेल्ट बैठे हुए थे।
चीन के गुआंग्शी क्षेत्र में सोमवार तड़के 5.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई। भूकंप के बाद लिउझोउ शहर से 7 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, सोमवार तड़के आए भूकंप से 13 इमारतें ढह गईं।
एक व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है, जबकि 4 अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, घायलों की हालत खतरे से बाहर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भूकंप के बाद इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने परिवहन सेवाओं में बाधा की आशंका भी जताई है।
रेलवे अधिकारियों ने ट्रैक और अन्य ढांचे की जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रशासन ने कहा कि बिजली, संचार, पानी, गैस सप्लाई और सड़क यातायात सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
फिलीपींस की सीनेट सोमवार को उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते के खिलाफ महाभियोग ट्रायल के लिए इम्पीचमेंट कोर्ट के रूप में बैठेगी। यह ट्रायल देश की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि दोष सिद्ध होने पर सारा दुतेर्ते पर सार्वजनिक पद संभालने पर रोक लग सकती है।
यह मामला राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर और दुतेर्ते परिवार के बीच बढ़ते राजनीतिक संघर्ष के बीच सामने आया है। सीनेट में हालिया सत्ता परिवर्तन और भगोड़े सीनेटर बाटो डेला रोसा की वापसी ने ट्रायल को और संवेदनशील बना दिया है।
47 वर्षीय सारा दुतेर्ते पर सरकारी धन के दुरुपयोग, अघोषित संपत्ति इकट्ठा करने और राष्ट्रपति मार्कोस, फर्स्ट लेडी तथा पूर्व हाउस स्पीकर को धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है।
फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर और सारा दुतेर्ते ने 2022 का चुनाव साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन बाद में दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया। हालात तब और बिगड़े जब मार्कोस प्रशासन ने पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के हवाले कर दिया। रोड्रिगो दुतेर्ते पर “ड्रग्स के खिलाफ युद्ध” अभियान में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप हैं।
महाभियोग ट्रायल से पहले सीनेट में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ। पूर्व पुलिस प्रमुख और दुतेर्ते समर्थक सीनेटर रोनाल्ड “बाटो” डेला रोसा छह महीने तक छिपे रहने के बाद अचानक संसद पहुंचे। उन्होंने सीनेट अध्यक्ष के चुनाव में अहम वोट दिया, जिसके बाद दुतेर्ते समर्थक एलन पीटर कायेतानो सीनेट अध्यक्ष चुने गए। अब वही महाभियोग ट्रायल की कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव से सारा दुतेर्ते को राहत मिल सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मकाती के प्रोफेसर एडर्सन तापिया के मुताबिक, नए बहुमत के कारण अभियोजन पक्ष के लिए मामला साबित करना पहले से ज्यादा मुश्किल हो सकता है।
डेला रोसा की वापसी फिलीपींस की राजनीति में बड़ा ड्रामा बन गई है। ICC उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में तलाश रहा है। मार्कोस सरकार ने शुक्रवार को पुष्टि की कि वह डेला रोसा की गिरफ्तारी की कोशिश करेगी। हालांकि, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ICC के वारंट को चुनौती दी है।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि महाभियोग ट्रायल औपचारिक रूप से कब शुरू होगा। राष्ट्रपति मार्कोस ने खुद को इस प्रक्रिया से अलग बताते हुए कहा है कि यह पूरी तरह विधायी मामला है।
सीनेट के 24 सदस्य जूरी की भूमिका निभाएंगे और दोष सिद्ध करने के लिए दो-तिहाई समर्थन जरूरी होगा। ट्रायल का नतीजा न केवल सारा दुतेर्ते के राजनीतिक भविष्य, बल्कि फिलीपींस की सत्ता राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया सीमा को “अभेद्य किला” बनाने और फ्रंटलाइन सैन्य इकाइयों को मजबूत करने का निर्देश दिया है। सरकारी मीडिया KCNA के मुताबिक, किम ने कहा कि यह कदम युद्ध को रोकने और सैन्य तैयारियों को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
रविवार को सेना के डिवीजन और ब्रिगेड कमांडरों की बैठक में किम ने कहा कि सीमा क्षेत्र में सैन्य ताकत बढ़ाना “युद्ध को और प्रभावी तरीके से रोकने” की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने दक्षिण कोरिया को “मुख्य दुश्मन” भी बताया।
दक्षिण कोरिया के यूनिफिकेशन मंत्रालय ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद यह पहली बार है, जब किम जोंग उन की डिवीजन और ब्रिगेड कमांडरों के साथ बैठक की जानकारी सार्वजनिक हुई है। सियोल ने कहा कि वह सीमा पर तनाव कम करने और भरोसा कायम करने की कोशिश जारी रखेगा।
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के मुताबिक, मार्च से उत्तर कोरियाई सैनिक सीमा के पास किलेबंदी का काम तेज कर चुके हैं। इसमें दीवारों का निर्माण भी शामिल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि “दक्षिणी सीमा” को मजबूत करने का जिक्र केवल जमीन सीमा तक सीमित नहीं हो सकता। इसका असर समुद्री सीमा क्षेत्रों, खासकर विवादित नॉर्दर्न लिमिट लाइन (NLL), पर भी दिख सकता है।
उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच 1950-53 का कोरियाई युद्ध युद्धविराम समझौते के साथ खत्म हुआ था। दोनों देशों के बीच अब तक औपचारिक शांति समझौता नहीं हुआ है, इसलिए दोनों तकनीकी रूप से अब भी युद्ध की स्थिति में माने जाते हैं।
मालदीव में समुद्र के भीतर मौजूद खतरनाक गुफा में फंसे 4 इतालवी गोताखोरों के शव निकालने के लिए अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू मिशन तेज कर दिया गया है। इस ऑपरेशन में पहले ही मालदीव के एक वरिष्ठ सैन्य गोताखोर की जान जा चुकी है।
सरकार के मुताबिक, वावू एटोल की 70 मीटर गहरी और 200 मीटर लंबी गुफा में बेहद तेज धाराएं, अंधेरा और संकरे रास्ते रेस्क्यू को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं।
गुरुवार को 5 इतालवी गोताखोर स्कूबा डाइविंग के दौरान लापता हो गए थे। डाइविंग इंस्ट्रक्टर जियानलुका बेनेडेट्टी का शव गुफा के मुहाने पर मिला, जबकि बाकी चार लोगों के शव अब भी अंदर होने की आशंका है।
मृतकों में यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोआ की इकोलॉजी प्रोफेसर मोनिका मोंटेफाल्कोने, उनकी बेटी जॉर्जिया सोमाकाल, मरीन बायोलॉजिस्ट फेडेरिको गुआल्तिएरी और रिसर्चर म्यूरियल ओड्डेनिनो शामिल हैं।
चार शवों को निकालने की कोशिश के दौरान मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स के वरिष्ठ गोताखोर सार्जेंट मोहम्मद महुधी की शनिवार को मौत हो गई। अधिकारियों का मानना है कि उनकी मौत डीकम्प्रेशन सिकनेस की वजह से हुई।
रविवार को फिनलैंड से तीन विशेषज्ञ केव डाइवर्स मालदीव पहुंचे। उन्होंने स्थानीय कोस्टगार्ड और अन्य विशेषज्ञों के साथ मिलकर नई रणनीति बनाई है। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया से विशेष उपकरण भी मंगाए गए हैं।
मालदीव सरकार ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि देश में सामान्य डाइविंग के लिए 30 मीटर से ज्यादा गहराई में जाने की अनुमति नहीं है, जबकि यह हादसा उससे कहीं ज्यादा गहराई में हुआ।
जांच पूरी होने तक डाइविंग जहाज का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। इटली की टूर ऑपरेटर कंपनी ने कहा है कि उसे इतनी गहराई में डाइविंग की जानकारी नहीं थी।