दिल्ली क्वाड बैठक में ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज का मुद्दा उठाया:कहा- समुद्री रास्तों की आजादी जरूरी, जयशंकर बोले- आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस होना चाहिए

नई दिल्ली में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने बैठक की। बैठक के बाद ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने होर्मुज का मुद्दा उठाते हुए कहा, ‘ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने का असर ऊर्जा सुरक्षा पर साफ दिख रहा है। समुद्री रास्तों की आजादी बनाए रखना जरूरी है और क्वाड देश किसी तरह का टोल लगाने का भी विरोध करता है।’

साथ ही उन्होंने कहा कि, सदस्य देश सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि ठोस नतीजों पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की कूटनीतिक कोशिशों की भी सराहना की।

वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री एस जयशंकर आतंकवाद के मुद्दे पर कहा कि इसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। जिन देशों पर आतंकी हमले होते हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा का अधिकार है।

साथ ही उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों का मुद्दा उठाया। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हुए। अमेरिका की ओर से मार्को रूबियो, जापान से तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पेनी वोंग मौजूद रहे

क्वाड बैठक में 5 बड़े ऐलान…

  1. क्वाड देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क शुरू करने का फैसला किया, जिसके तहत खनन, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए मिलकर निवेश और सहयोग बढ़ाया जाएगा।
  2. भारत और अमेरिका ने क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ सप्लाई सुरक्षित करने के लिए द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ेगा।
  3. क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की है, जिसके तहत फ्यूल सिक्योरिटी फोरम और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।
  4. हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री निगरानी बढ़ाने के लिए क्वाड देश सैटेलाइट डेटा साझा करेंगे, जिससे तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और आपदा राहत में मदद मिलेगी।
  5. क्वाड देशों ने फिजी में ‘पोर्ट्स ऑफ द फ्यूचर’ परियोजना शुरू करने का फैसला किया है, जिसके तहत बंदरगाह इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा।