वर्ल्ड अपडेट्स:बंगाल की खाड़ी में रोहिंग्या शरणार्थियों की दो नावें पलटीं: 500 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका

म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर जा रही दो नौकाएं बंगाल की खाड़ी में पलट गईं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के मुताबिक, दोनों नौकाओं में करीब 530 लोग सवार थे। घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन 500 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है।

UNHCR और IOM के अनुसार, दोनों नौकाएं जून के अंत में म्यांमार के रखाइन प्रांत से रवाना हुई थीं। इनमें अधिकांश यात्री रोहिंग्या समुदाय के थे, जबकि कुछ लोग बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों से भी आए थे। पहली नाव का संपर्क रवाना होने के कुछ समय बाद ही टूट गया। इसमें करीब 250 लोग सवार थे। दूसरी नाव में लगभग 280 लोग थे और इसके 8 जुलाई को म्यांमार के अयेयारवाडी तट के पास डूबने की आशंका है।

इस समय करीब 12 लाख रोहिंग्या बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं। पिछले कई वर्षों में समुद्री रास्ते से पलायन के दौरान हजारों रोहिंग्या अपनी जान गंवा चुके हैं।

हांगकांग में 5 बुकसेलर्स गिरफ्तार: सरकार विरोधी ‘देशद्रोही’ किताबें बेचने का आरोप

हांगकांग में सरकार विरोधी ‘देशद्रोही’ सामग्री वाली किताबें बेचने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा पुलिस ने पांच बुकसेलर्स को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस ने दो बुकस्टोर्स पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में किताबें जब्त की हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन पुस्तकों में हांगकांग सरकार, न्यायपालिका और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ नफरत भड़काने वाली सामग्री थी।

सरकार के मुताबिक, कस्टम विभाग ने विदेश से आई कथित देशद्रोही किताबों की एक खेप पकड़ी थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा पुलिस ने जांच शुरू की और दो बुकस्टोर्स में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 37 और 57 साल के दो पुरुष तथा 30 से 59 साल की तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि दुकानों में ऐसी किताबें प्रदर्शित और बेची जा रही थीं, जिनका उद्देश्य सरकार और सरकारी संस्थानों के खिलाफ लोगों को उकसाना था। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में कथित देशद्रोही सामग्री वाली किताबें भी जब्त की गईं।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, कार्रवाई ‘हैव अ नाइस स्टे’ और ‘ग्रीनफील्ड बुकस्टोर’ में हुई। इनमें से ‘हैव अ नाइस स्टे’ ने हाल ही में 30 अगस्त से दुकान बंद करने की घोषणा की थी। संचालकों ने वित्तीय नुकसान और यह स्पष्ट न होने को भी वजह बताया था कि किन किताबों को अधिकारियों की नजर में आपत्तिजनक माना जा सकता है।

इससे पहले जून में भी पुलिस ने एक अलग मामले में दो बुकस्टोर मालिकों को कथित देशद्रोही सामग्री वाली किताबें बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

कांगो के जंगल में मिली नई बंदर प्रजाति: 75 साल में अफ्रीका की पांचवीं खोज

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के लोमामी नेशनल पार्क में रहने वाले काले फर और गुलाबी-नारंगी होंठ वाले दुर्लभ बंदर को वैज्ञानिकों ने नई प्रजाति के रूप में मान्यता दी है। आनुवंशिक अध्ययन, ऑडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी के आधार पर इसकी पुष्टि की गई। नई प्रजाति का वैज्ञानिक नाम कोलोबस कांगोएन्सिस (Colobus congoensis) रखा गया है।

इस बंदर को पहली बार 2008 में संरक्षणकर्मियों ने देखा था, लेकिन उस समय केवल धुंधली तस्वीर ही मिल सकी। 2018 में दोबारा दिखने के बाद DRC, अमेरिका और जर्मनी के वैज्ञानिकों की टीम ने इसका विस्तृत अध्ययन शुरू किया। डीएनए विश्लेषण और अन्य वैज्ञानिक जांच में यह पहले से ज्ञात सभी प्रजातियों से अलग पाया गया।

स्थानीय लोग इसे ‘लिक्वेली’ नाम से जानते हैं। 52 गांवों में किए गए सर्वे के दौरान केवल आठ गांवों के लोगों ने इसे देखने की पुष्टि की।

वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले 75 वर्षों में अफ्रीका में खोजी गई यह पांचवीं नई बंदर प्रजाति है। यह कोलोबस समूह का सदस्य है, जिनमें अंगूठा नहीं होता और जो जंगलों में बीजों के प्रसार तथा वन पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अमेरिका के यूटा मॉल में भारतीय नागरिक पर धर्म पूछकर चाकू से हमला

अमेरिका के यूटा राज्य में एक भारतीय नागरिक पर कथित तौर पर धार्मिक पहचान पूछने के बाद चाकू से हमला किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेस्ट वैली सिटी स्थित वैली फेयर मॉल में काम कर रहे सैयद सोहैलुद्दीन पर आरोपी पीटर माइकल लार्सन ने कई बार चाकू से वार किए।

घायल सोहैलुद्दीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई। वहीं, हमले के दौरान लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया, जिससे उसे भी चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस ने आरोपी लार्सन को हत्या के प्रयास और प्रतिबंधित खतरनाक हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेश हलफनामे के अनुसार उसने कहा कि वह मुसलमानों को मारना चाहता है।

सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह पीड़ित के परिवार और मित्रों के संपर्क में है तथा स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मामले की निगरानी कर रहा है। जरूरत पड़ने पर हरसंभव कांसुलर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने हमले से पहले पीड़ित से उनका नाम, मूल स्थान और धर्म पूछा था। इसके बाद उसने चाकू से हमला कर दिया।