पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संसद मार्च में शामिल हुए। वहां से उन्होंने एक वीडियो जारी कर प्रदर्शन स्थल के हालात साझा किए और आंदोलन का समर्थन किया।
बैंस ने कहा कि मैं इस समय जंतर मंतर दिल्ली में ही हूं। पिछले दो घंटे में जो कुछ हुआ, जो देखा। वह बहुत मंदभागा है। जैसे यह फैसला कर लिया गया या हुक्म आ गया कि पूरी दिल्ली को खाली करवाया जाए। कोई भी प्रोटेस्ट करने वाला वहां पर नहीं होना चाहिए।
पुलिस ने जिस बर्बता के साथ बच्चों को पीटा है, मैं अपनी आंखों से देखा है। कईयों को बहुत सीरिसस चोंटें भी आई हैं। दिल्ली पुलिस वाले भी हमारे बेटे और बेटियां है। यह नहीं करना चाहिए था। सारे आंदोलन का मतलब खत्म हो जाता है।
उन्होंने आगे कहा- यह सच में जेनजी मूवमेंट है। अगर केंद्र सरकार अभी भी यह समझ रही है कि यह सिर्फ सोशल मीडिया वाले लोग हैं, तो ऐसा नहीं है। यह कॉकरोच निकल चुका हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर बातचीत करने की अपील करते हुए कहा- अगर इनकी मांगें नहीं मानेंगे तो आपका किला गिरा देंगे। जितना अहंकार है, उसे छोड़ दो। सोनम वांगचुक से बात करो।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस की बड़ी बातें
- पुलिस ने बच्चों के साथ बर्बरता की: हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वह जंतर-मंतर पर मौजूद थे और पिछले दो घंटे में जो कुछ देखा, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। उनके अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग किया और कई छात्रों को चोटें आईं। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों को गंभीर चोटें भी लगीं, जिन्हें उन्होंने अपनी आंखों से देखा।
- युवाओं की ओर से पत्थरबाजी भी गलत थी: शिक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने यह भी देखा कि कुछ युवाओं की ओर से दिल्ली पुलिस पर पत्थर फेंके गए। उन्होंने इसे भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। उनके मुताबिक, इससे पूरे आंदोलन का उद्देश्य कमजोर पड़ जाता है।
- दिल्ली पुलिस भी हमारे बेटे-बेटियां हैं: बैंस ने कहा कि दिल्ली पुलिस के जवान भी हमारे ही बेटे-बेटियां हैं। इसलिए प्रदर्शनकारियों को पुलिस के साथ किसी भी तरह की हिंसा या टकराव से बचना चाहिए।
- दिल्ली खाली कराने के निर्देश दिए गए हैं: उन्होंने दावा किया कि ऐसा लग रहा है जैसे निर्देश दिए गए हैं कि दिल्ली में कोई प्रदर्शनकारी नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी भी पुलिस सड़कों पर युवाओं को तलाशकर वहां से हटा रही है।
- शांतिपूर्ण आंदोलन करें, सुरक्षा सबसे जरूरी: हरजोत सिंह बैंस ने सभी युवाओं से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा को सबसे पहले रखें। उन्होंने कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के कई शांतिपूर्ण तरीके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस हर तरह का बल प्रयोग करने के लिए तैयार है, इसलिए किसी भी तरह के विवाद में न पड़ें और सुरक्षित रहें।
- यह सिर्फ सोशल मीडिया का आंदोलन नहीं, जेनजी मूवमेंट है: हरजोत सिंह बैंस ने फेसबुक पर वीडियो जारी कर कहा कि जंतर-मंतर और आसपास की करीब 10 किलोमीटर की सड़कों पर बड़ी संख्या में देशभर के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के छात्र मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से आए युवा सोनम वांगचुक का समर्थन करने और पेपर लीक रोकने की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं। उनके मुताबिक, यह सच में जेनजी मूवमेंट है, केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है।
- मांगें नहीं मानीं तो सरकार का किला गिरा देंगे: शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार से आंदोलन को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अभी भी इसे हल्के में ले रही है तो यह उसकी भूल है। बैंस ने कहा, “यह कॉकरोच निकल चुका है। इनकी मांगें नहीं मानेंगे तो आपका किला गिरा देंगे। जितना अहंकार है, उसे छोड़ दो। सोनम वांगचुक से बात करो।”
- पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनें: हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वह एक राज्य के शिक्षा मंत्री होने के नाते अपना नैतिक दायित्व समझकर इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाने चाहिए। साथ ही सरकार को आंदोलनकारियों के साथ बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।