भोपाल में दौड़ेंगी ई-बसें…जानिए क्या है खासियत:दिव्यांगों के चढ़ने-उतरने के लिए हाईड्रोलिक डोर; सुरक्षा के लिए 6 CCTV कैमरे

राजधानी भोपाल के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में पहली बार इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। इनका ट्रायल रन शुरू भी हो गया है। अगले 5 दिन तक अलग-अलग रूट पर ट्रायल होगा। ताकि, खामियां पता चल सकें। हालांकि, पहले दिन कोई दिक्कत नहीं आई। 40 से 50Km प्रतिघंटे की रफ्तार से बसें दौड़ी और घाटियों पर भी आसानी से चढ़ गईं।

इन बसों को भोपाल शहर के अलावा फंदा, औबदुल्लागंज, सीहोर, मंडीदीप, भोजपुर, बिलखिरिया समेत कई निकायों तक चलाया जाएगा। महापौर मालती राय और अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि इन नई बसों में कई खासियतें भी हैं।

सबसे प्रमुख दिव्यांगों के चढ़ने-उतरने के लिए हाईड्रोलिक डोर हैं। जिनके जरिए वे ट्रायसिकल, व्हील चेयर समेत बस में आ-जा सकेंगे। मेयर मालती राय और अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पार्षदों के सामने देखा कि ये हाईड्रोलिक डोर कैसे काम करते हैं? इन बसों में जिस जगह हाईड्रोलिक डोर है, उसके ठीक सामने इतनी जगह है कि दो व्ही लचेयर या ट्रायसिकल एक साथ खड़ी हो सके। दिव्यांगजनों के लिए पहली बार बस में यह सुविधा दी गई है।

भोपाल के ट्रैफिक के लिहाज से इसलिए खास

ई-बस की लंबाई 9 मीटर और चौड़ाई करीब साढ़े 3 मीटर है, जबकि वर्तमान में जो सिटी बसें चल रही हैं, उनकी लंबाई 12 मीटर तक है। ऐसे में कई बार ये बसें तंग सड़कों और ट्रैफिक में फंस जाती है। सोमवार को जब बसों का ट्रैफिक से भरी सड़कों पर ट्रायल रन हुआ तो कोई दिक्कत नहीं आई।

ऐसे होगा संचालन

ट्रायल के दौरान बसों का संचालन दो‎ शिफ्ट में किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह‎ 8 से दोपहर 12 बजे तक रही। दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 से ‎शाम 6 बजे तक रहेगी।

पुराने भोपाल से कोलार तक जुड़ेगा ‎रूट

इलेक्ट्रिक बसें बैरागढ़ डिपो से पुराने ‎भोपाल होते हुए बोर्ड ऑफिस तक ले जाया जा रहा है। यहां से बसें भोपाल रेलवे स्टेशन‎(प्लेटफॉर्म नंबर-1) और कोलार के ‎बैरागढ़ चीचली रूट तक चलेंगी। ट्रायल ‎के दौरान इन मार्गों पर बस संचालन में‎ आने वाली दिक्कतों और यातायात दबाव‎ का आकलन किया जा रहा है।

21 बसें पहुंचीं, 20 और आएंगी‎

एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने बताया कि भोपाल में अब‎ तक 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं।‎ अगले 10 से 12 दिन में 20 और नई‎ बसें आने की उम्मीद है। इसके बाद‎ शहर में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा और ‎बढ़ जाएगा। बसों के संचालन के लिए ‎बैरागढ़ डिपो में चार्जिंग व्यवस्था भी ‎तैयार कर ली गई है।

यहां 11 चार्जर‎ पाइंट लगाए जा चुके हैं। ताकि, नियमित ‎संचालन शुरू होने के बाद बसों को ‎चार्जिंग की समस्या का सामना न करना ‎पड़े। ट्रायल सफल होने के बाद यात्रियों‎ के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने ‎की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।‎

एक घंटे में तय की दूरी

ट्रायल रन के पहले दिन मेयर-अध्यक्ष समेत पार्षदों ने बसों में सफर कर खामियों को जाना। लिंक रोड नंबर-2 स्थित निगम मुख्यालय से वीआईपी रोड, लालघाटी, कोहेफिजा होते हुए करीब एक घंटे में बसें वापस मुख्यालय पहुंची। इस दौरान रास्ते में चना जोर गरम और भुट्‌टे का भी जनप्रतिनिधियों ने लुत्फ उठाया।

भोपाल में ई-बसों का ट्रायल रन शुरू हो गया है। सोमवार सुबह से बैरागढ़ स्थित डिपो से ई-बसें निकली और 3 रूट पर दौड़ने लगी। अगले 5 दिन तक बसें सड़कों पर दौड़ेगी। अगस्त में आम लोगों के लिए बसें चलने लगेगी। एक दिन पहले रविवार को जगदीशपुर में हुई कैबिनेट में इन्हीं 3 ई-बसों के जरिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री और सीनियर अधिकारी पहुंचे थे