यूपी में होमगार्ड का बेटा पाकिस्तानी एजेंट निकला:धमाके के लिए विस्फोटक जुटा रहा था; 5 दिन पहले मुंबई से लौटा था

अगर मेरा बेटा दोषी है तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। पिछले छह महीने से बेटे से मेरी कोई बातचीत नहीं हुई थी। परिवार को भी अंदेशा नहीं था कि वह देश के खिलाफ साजिश रच रहा है।’

यह कहना है होमगार्ड इश्तियाक अली का। यूपी ATS ने सोमवार को इश्तियाक के बेटे शहरोज को पकड़ा है। उस पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी और देश में धमाके की साजिश रचने का आरोप है।

मां ने कहा- शहरोज 16 जुलाई को मुंबई से गांव लौटा था। अगले दिन पुलिसवाले घर आए और बेटे को उठा ले गए। अब पता चला कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। दैनिक भास्कर आरोपी के गांव पहुंचा, परिवारवालों और गांव के लोगों से बात की।

पहले जानिए, ATS ने क्या खुलासा किया?

गैंगस्टर ने फेसबुक पर लिखा- हिम्मत और जिगर वाले शूटर्स

यूपी ATS के अनुसार, अक्टूबर 2025 में ISI एजेंट जसवीर चौधरी ने फेसबुक पर “हिम्मत और जिगर वाले शूटर्स” की आवश्यकता है, लिखकर एक पोस्ट अपलोड की थी। इस पोस्ट पर शहरोज ने कमेंट किया। जिसके बाद दोनों के बीच फेसबुक, मैसेंजर, वॉट्सऐप और बाद में सिग्नल ऐप से बातचीत होने लगी।

जसवीर चौधरी ने शहरोज को राजस्थान के श्रीगंगानगर से अवैध हथियार और गोला-बारूद जुटाने का टास्क दिया था। इसके लिए उसके बैंक खाते में पांच हजार रुपए भी भेजे थे। एटीएस का यह भी दावा है कि शहरोज पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्ठी के नेटवर्क के संपर्क में भी था।

7 साल मुंबई में परिवार के साथ रहा शहरोज

शहरोज बलरामपुर में जमथरा गांव का रहने वाला है। यह गांव जिला मुख्यालय से करीब 55 किमी दूर है। पिता इश्तियाक अली जरवा थाने में होमगार्ड हैं। मां अफरोज बानो गृहिणी हैं। तीन बहनें आरजू बानो, जुस्तजू बानो और उम्मे हबीबा और छोटा भाई कलीम दानिश भी साथ रहते हैं।

मां अफरोज बानो ने बताया- शहरोज साल 2000 से 2007 तक अपने पिता इश्तियाक के साथ मुंबई में रहा है। इसके बाद परिवार गांव लौट आया। तब शहरोज ने बिशनपुर टंटनवा गांव में सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की। बाद में वह अकेले मुंबई चला गया और चिकन मीट की दुकान पर काम करने लगा। लेकिन बाद में लौट आया। करीब 6 महीने पहले वह फिर मुंबई गया और पुराना काम करने लगा। चार-पांच दिन पहले ही वह गांव लौटा था।

8वीं तक पढ़ा, शादी भी नहीं हुई

शहरोज ने 8वीं तक पढ़ाई की थी। अभी शादी नहीं हुई है। परिवार के मुताबिक, शहरोज 16 जुलाई को मुंबई से गांव लौटा था। अगले दिन तुलसीपुर गया, जहां से यूपी एटीएस ने उसे हिरासत में ले लिया। सोमवार को एटीएस ने उसके घर की तलाशी भी ली।

पिता बोले- अफसरों को बेटे के मोबाइल में विदेशी नंबर मिला

आरोपी शहरोज के पिता इश्तियाक अहमद ने बताया- एटीएस अधिकारियों को शहरोज के मोबाइल में एक विदेशी नंबर मिला है। शहरोज शराब और नशीली गोलियों का आदी हो गया था। नशे की वजह से वह घर में अक्सर झगड़ा करता था। समझाने के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं आया, जिसके बाद परिवार ने उससे दूरी बना ली थी। पिछले छह महीनों से उन्होंने उससे कोई बातचीत भी नहीं की थी।

उन्होंने कहा, परिवार को कभी इस बात का अंदेशा नहीं था कि शहरोज किसी संदिग्ध या राष्ट्रविरोधी गतिविधि में शामिल हो सकता है। संभव है कि मुंबई में रहने के दौरान वह किसी गलत संगत या व्यक्ति के संपर्क में आ गया हो। उन्होंने बताया कि पहले वह मजदूरी कर अपना खर्चा चलाता था। परिवार से लेन-देन भी नहीं करता था।