पंजाब एससी कमीशन और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। राजा वडिंग ने बरनाला में पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए सफाई कर्मियों को इलाज के लिए एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी और कहा कि कांग्रेस पार्टी उनका इलाज करवाएगी।
राजा वडिंग के दौरे के बाद एससी कमीशन के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी भी बरनाला पहुंचे। उन्होंने सफाई कर्मियों से कहा कि वे इलाज के लिए घर-घर जाकर पैसे मांग लें, लेकिन अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से आर्थिक मदद न लें। जसबीर सिंह गढ़ी ने राजा वडिंग पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सफाई कर्मियों ने आज उनसे पैसे ले लिए तो वह बाद में बूटा सिंह की तरह उनका एहसान गिनाने लगेंगे।
उन्होंने सफाई सेवकों से कहा कि वडिंग की ओर से दिए गए एक लाख रुपए वापस करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके अनुसार यह पैसा जनता का है। गढ़ी ने आरोप लगाया कि उनके पास जो सरकारी जमीन है, वह भी जनता की है।
चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने क्या-क्या कहा जानिए…
- राजा वडिंग से पैसे न लें: एससी कमीशन पंजाब के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी बरनाला में लाठीचार्ज से घायल हुए सफाई सेवकों से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्हें जानकारी मिली कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग ने सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान को घायल कर्मचारियों के इलाज के लिए 1 लाख रुपये दिए हैं और कहा है कि कांग्रेस पार्टी उनका इलाज करवाएगी। इस पर गढ़ी ने कहा कि सफाई सेवकों को राजा वडिंग से आर्थिक मदद लेने की जरूरत नहीं है।
- सरकार कराएगी इलाज: जसबीर सिंह गढ़ी ने कहा कि उन्होंने एसडीएम को निर्देश जारी कर दिए हैं कि सभी घायलों का इलाज सरकारी खर्च में करवाएं। इसके लिए खर्च रेडक्रॉस सोसाइटी से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सफाई सेवकों का इलाज सरकार कराएगी।
- ‘पैसे वापस मोड़ने की जरूरत नहीं’: गढ़ी ने कहा कि राजा वड़िंग ने जो एक लाख रुपए दिए हैं, उसे वापस करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो जमीन सरकारी है, वो जमीन हमारी है।
- ‘एहसान जताने की राजनीति बंद हो’: उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता मदद के नाम पर केवल राजनीति कर रहे हैं। आज पैसे देकर जाएंगे और कल को मंचों से इसका ढोल पीटेंगे और जैसे बूटा सिंह का रंग गिनाया था फिर से रंग गिनाना शुरू कर देंगे।
- ‘सफाई कर्मियों का सम्मान सर्वोपरि’: गढ़ी ने कहा कि अनुसूचित जाति और सफाई कर्मचारियों का स्वाभिमान किसी की आर्थिक मदद से बढ़कर है। सरकार और कमीशन उनके साथ खड़ा है।
दोनों के बीच पुराना विवाद क्या है, सिलसिलेवार जानिए..
- ‘बूटा सिंह की तरह रंग गिनाने’ का ताना: गढ़ी का यह बयान पुराने राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ा है, जिसमें दलित नेताओं और कांग्रेस के बीच एहसान जताने को लेकर बयानबाजी हुई थी। गढ़ी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा दलित समुदाय की मजबूरियों का फायदा उठाती है और बाद में मदद करने का श्रेय लेने की कोशिश करती है।
- दलित राजनीति पर आमने-सामने: पंपंजाब में दलित वोट बैंक एक बड़ा सियासी मुद्दा बना हुआ है। राजा वडिंग आम आदमी पार्टी सरकार और एससी कमीशन पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाते रहे हैं। वहीं, कमीशन के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी का कहना है कि वडिंग केवल राजनीतिक लाभ के लिए अस्पतालों और धरना स्थलों का दौरा करते हैं।
- सरकारी जमीन और कब्जा विवाद: गढ़ी का यह बयान कि “उसके पास जो सरकारी जमीन है, वह हमारी है” राजा वडिंग और कांग्रेस नेताओं पर सरकारी संपत्तियों व जमीन के इस्तेमाल को लेकर किए गए तंज से जुड़ा है। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच अक्सर जुबानी जंग देखने को मिलती रही है।
- 4 नवंबर 2025 को चुनावी भाषण से विवाद की शुरुआत: तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान राजा वडिंग ने पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह को लेकर एक बयान दिया था। इस बयान को मजहबी सिख (एससी) समुदाय के प्रति अपमानजनक बताते हुए विरोध जताया गया। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दलित समाज ने राजा वडिंग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। इसी मामले को लेकर एससी कमीशन के चेयरमैन से राजा वडिंग के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई थी।
- राजा वडिंग के खिलाफ शिकायत और FIR: दलित संगठनों के भारी विरोध के बाद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर एफआईआर भी दर्ज हुई। यह शिकायत पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह के परिवार की ओर से दी गई थी।
- पंजाब एससी कमीशन की दखल: एससी कमीशन के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया और पुलिस को तलब किया। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट कमीशन के समक्ष पेश की। इसके बाद एससी कमीशन ने राजा वडिंग को भी तलब किया, लेकिन वह पेश नहीं हुए।
- जसबीर सिंह गढ़ी पर विश्वास नहीं: राजा वडिंग ने बयान दिया कि उन्हें पंजाब अनुसूचित जाति आयोग जैसी संवैधानिक संस्था का सम्मान है, लेकिन चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी पर उन्हें भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गढ़ी “आम आदमी पार्टी सरकार के प्रतिनिधि की तरह काम कर रहे हैं।”इसी दिन राजा वडिंग ने कहा कि वह “किसी भी कीमत पर जसबीर सिंह गढ़ी के सामने पेश नहीं होंगे” और इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।