गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। दिल्ली की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने श्रीराम चौक के पास डिवाइडर पर युवकों को कुचल दिया। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी और कार सवार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
घायल युवकों ने टक्कर से बचने के लिए ग्रीन बेल्ट में छलांग भी लगाई, लेकिन रफ्तार तेज होने के कारण कार ने उन्हें वहां भी चपेट में ले लिया। इसके बाद कार रेलिंग से टकरा कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों और पुलिस ने तीनों घायलों को वाइब्रेंट अस्पताल भर्ती कराया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
मृतक युवकों की पहचान बिजेंद्र और पप्पू के रूप में हुई हैं, जो मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले थे, जबकि सतीश चंद और राम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। ड्राइवर की पहचान दिल्ली यूनिवर्सिटी के 20 वर्षीय छात्र वेदान खन्ना भी घायल हुआ है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद फोर्टिस अस्पताल रेफर किया गया है।
- एक्सप्रेसवे पर चल रहा था डिवाइडर सेफ्टी का काम : पुलिस के मुताबिक, यह हादसा देर रात उस वक्त हुआ, जब द्वारका एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास डिवाइडर को सुरक्षित करने के लिए लोहे की ग्रिल लगाने का काम चल रहा था। ग्रिल लगाने के लिए चारों युवक जुटे हुए थे। ग्रिल को सफलतापूर्वक लगाने के बाद बिजेंद्र और पप्पू उनके पेंच कस रहे थे, जबकि सतीश व रामकुमार उसे पकड़कर खड़े थे।
- दिल्ली की ओर से आई कार ने सीधी टक्कर मारी : तभी दिल्ली की तरफ से तेज रफ्तार बीट कार सीधे ग्रिल पकड़कर खड़े युवकों पर चढ़ गई। गुरुग्राम के इंडियाबुल्स एनिग्मा, सेक्टर-110 निवासी छात्र वेदान खन्ना इसे चला रहा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजेंद्र व पप्पू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सतीश व रामकुमार ने कार को अपनी तरफ आते देख जान बचाने के लिए एक्सप्रेसवे के बीच बनी ग्रीन बेल्ट की तरफ छलांग लगा दी।
- कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त, ड्राइवर गंभीर घायल : मगर, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह भी बेकाबू होकर ग्रीन बेल्ट के अंदर जा घुसी और जान बचाने के लिए कूद चुके दोनों सतीश व रामकुमार को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद कार रेलिंग से टकराकर रूक गई, जिसमें वेदान को भी गंभीर चोटें आई हैं। कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
- तीनों घायल अस्पताल में भर्ती, हालत नाजुक: हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल युवकों और कार चालक को तुरंत नजदीकी वाइब्रेंट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद बजघेड़ा थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हादसे में ठेकेदार की लापरवाही भी आई सामने…
- रिफ्लेक्टिव सावधानी बोर्ड भी नहीं लगाए थे : हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर काम करा रहे ठेकेदार की भारी लापरवाही उजागर हुई है। चश्मदीदों के अनुसार, एक्सप्रेसवे जैसी व्यस्त और तेज रफ्तार सड़क पर काम करने के बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। मौके पर न तो कोई रिफ्लेक्टिव सावधानी बोर्ड (साइन बोर्ड) लगाया गया था और न ही उचित बैरिकेडिंग की गई थी।
- दो-तीन सेफ्टी कोन रखे थे : ठेकेदार की तरफ से सुरक्षा के नाम पर केवल दो-तीन छोटे लाल रंग के प्लास्टिक सेफ्टी कोन रखे गए थे, जो रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों को सचेत करने के लिए नाकाफी थे। युवक पूरी तरह से खुली और चालू सड़क पर काम कर रहे थे। अंधेरा होने के कारण कार ड्राइवर को सड़क पर युवक दिखाई नहीं दिए, जिसके चलते यह भीषण हादसा हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वहां पर्याप्त रोशनी और प्रॉपर बैरिकेडिंग होती, तो हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस बोली- जिसकी लापरवाही मिलेगी, कार्रवाई होगी
उधर, इस मामले में बजघेड़ा थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल, दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम हाउस में रखवा दिया गया है। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। सभी के परिवारों को सूचना दे दी गई है, उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच भी की रही है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार से हादसा होना सामने आया है। जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।