छात्र प्रदर्शनः AK-47 से फायरिंग करनेवाला SP का बॉडीगार्ड सस्पेंड:सीवान में भीड़ की ओर चलाई थी गोलियां; प्रोटेस्टर पर बिहार में 21 FIR, 450 गिरफ्तार

छात्रों पर लाठीचार्ज और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर 25 जुलाई को बिहार बंद बुलाया गया। इस दौरान पूरे प्रदेश में जमकर हंगामा और बवाल हुआ।

11 जिलों से पथराव और लाठीचार्ज की खबर आई। सबसे ज्यादा हंगामा सीवान में हुआ। जहां प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की गई।

अब इस मामले में कार्रवाई हुई है, सीवान में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाले पुलिस जवान अभिषेक पटेल को सस्पेंड कर दिया गया है।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर SP पूरन झा के बॉडीगार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। AK-47 से फायरिंग करते हुए वीडियो के सामने आने के बाद यह कार्रवाई हुई है।

भीड़ की ओर सीधी डायरेक्शन में AK-47 से फायरिंग

छात्र संगठनों के बिहार बंद और विरोध-प्रदर्शन के दौरान सीवान में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। प्रदर्शन के बीच SP पूरन झा के बॉडीगार्ड ने भीड़ की दिशा में AK-47 से फायरिंग की, जिसका वीडियो भी सामने आया।

वीडियो सामने आते ही पुलिस की कार्रवाई और बल प्रयोग पर सवाल उठने लगे। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस मुख्यालय ने पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की।

प्रारंभिक जांच में वीडियो की पुष्टि होने के बाद संबंधित जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

2 घंटे पथराव-लाठीचार्ज चलता रहा

25 जुलाई को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर पथराव और लाठीचार्ज हुआ। आरोप है कि कुछ ‎प्रदर्शनकारी गांधी मैदान में बने मंच पर चढ़‎ गए। वहां से पुलिस पर पथराव शुरू कर‎ दिया। इसके बाद पुलिस ने पहले आंसू गैस‎ के गोले छोड़े। फिर लाठीचार्ज कर ‎प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।

पुलिस कार्रवाई के‎ बाद प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से निकलकर ‎शहर के विभिन्न इलाकों में फैल गए।‎ पथराव में SP पूरन झा के हाथ में चोट आई।

तीन छात्रों को लगी गोली

सीवान में हुई फायरिंग में 3 छात्र घायल हुए। जिनमें 2 के गर्दन से गोली छूकर निकल गई, वहीं एक छात्र के जांघ में गोली फंसी है।

गर्दन में गोली लगने से एक छात्र की हालत गंभीर थी, जिसे शनिवार को ही पटना रेफर किया गया था। बाद में बाकी दोनों छात्रों को भी पटना में भर्ती कराया गया है।

आज पटना जाएंगी आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष

ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा छात्रों के जेलों में बंद होने के चलते आज सोमवार (27 जुलाई) को पटना आएंगी। उन्होंने बताया कि वह पटना में उन छात्रों से मिलने जाएंगी जिन्हें बेउर जेल में जबरन बंद किया गया है। उन प्रदर्शनकारियों से भी मिलूंगी जिनके ऊपर पुलिस ने लाठियां बरसाईं।

इस दौरान उन्होंने लोगों से बेऊर जेल पहुंचने की अपील की है। नेहा बोरा ने कहा कि एक तरफ जहां हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ जो लोग पेपर लीक के खिलाफ आंदोलनों में शामिल रहे उनके खिलाफ कार्रवाई चल रही है। बिहार में पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ के साथ में आइसा के एक्टिविस्ट धनंजय, सबा, दीपांकर और दिव्यम को बेउर जेल में लगभग तीन दिन से बंद किया हुआ है।

वहीं CJP ने इस मामले पर कहा, “सभी छात्र प्रदर्शनकारी को तत्काल रिहा किया जाए जैसा कि दिल्ली समझौता में तय हुआ था, छात्रों के साथ कुछ भी गलत ना हो।”

तेजप्रताप भेजे गए जेल, हत्या-दंगा भड़काने का आरोप

बिहार बंद के दौरान हुए उपद्रव के मामले में पटना पुलिस ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल(JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप को गिरफ्तार किया है। पटना पुलिस ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया है।

तेजप्रताप के खिलाफ पटना के गांधी मैदान थाने में 12 से अधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें हत्या के प्रयास, अश्लील प्रदर्शन, दंगा भड़काने समेत कई गंभीर आरोप शामिल हैं।

शनिवार रात करीब 12:15 बजे पुलिस उन्हें नौबतपुर थाने से छज्जूबाग स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट लेकर पहुंची थी। वहां से अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया गया।

बिहार बंद को लेकर 21 FIR, 450 गिरफ्तारी

बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद पटना, सीतामढ़ी, सीवान और भागलपुर समेत कई जिलों में छापेमारी हो रही है। पूरे बिहार में 21 एफआईआर दर्ज हुईं। अब तक 450 को जेल भेजा गया है।

पटना में 139 को गिरफ्तार किया गया। पटना में बंद के दौरान शनिवार को गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को पुलिस कोर्ट में पेश करने के लिए रविवार की रात छज्जूबाग पहुंची।

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम ने बताया कि पटना में 30 महिलाओं और 30 नाबालिगों को छोड़ दिया गया। भागलपुर और सीतामढ़ी में 4-4 नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया।