उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में सेटबैक छोड़ने की बात को लेकर 3 युवकों ने अपने पड़ोसी बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना बीती देर रात शहर के ओस्तवाल नगर की है। जहां फाइनेंसर सागरमल मेहता (68) निवासी खेरोदा की हत्या कर दी गई।
घटना के बाद एमबी हॉस्पिटल की मोर्चरी में देर रात तक माहौल गर्माया रहा। परिजनों ने प्रतानगर थाना पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही और मिलीभगत के आरोप लगाए।
मृतक के बेटे राहुल मेहता का आरोप है कि मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह आसोलिया, उसका चचेरे भाई अनुराग सहित तीन आरोपियों ने उसके पिता को लात-घूसों से बुरी तरह मारा। घटना के बाद तीनों आरोपी कार से प्रतापनगर थाने पहुंचे और हमारे खिलाफ रिपोर्ट देने लगे। इसके बावजूद प्रतापनगर थाना पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार नहीं किया और जाने दिया।
इधर, प्रतापनगर थाना पुलिस लापरवाही के आरोपों के बाद हिरण मगरी थानाधिकारी रविन्द्र सिंह चारण को जांच सौंपी गई है।
सिर, गर्दन पर लात-घूसे मारे
मृतक के बेटे राहुल मेहता ने बताया कि मेरे ठीक मकान के पीछे प्रवीण सिंह आसोलिया अवैध रूप से मकान बना रह है। उस पर कोर्ट स्टे लगा है और यूडीए ने भी सीज कर रखा है। उसे डर था कि मकान डिस्मेंटल हो सकता है।
बुधवार को कोर्ट कमिश्नर आए थे और मौका पर्चा बनाया। उस समय प्रवीण सिंह सहित तीनों आरोपी भी मौजूद थे। उन्हें जब लगा कि कमिश्नर उनके मकान के खिलाफ रिपोर्ट बनाई जा रही है। तब वे कमिश्नर के जाने के बाद हमसे गाली गलौज करने लगे।
मेरे पिता को बुलाकर तीनों ने बुरी तरह मारा। सिर, गर्दन और छाती पर लात-घूसों से वार किए। जिसके बाद पिता बेहोश होकर नीचे गिर गए। मैंने बीच-बचाव की कोशिश की तो मेरे साथ भी हाथापाई की। जिसके बाद तीनों फरार हो गए।
कार्रवाई नहीं होने तक शव नहीं लेंगे
आज सुबह 9:30 बजे से एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी में मृतक के परिजन, रिश्तेदार और समाजजन द्वारा विरोध जताया जाएगा। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई नहीं जाएगी। वे मृतक का शव नहीं उठाएंगे।