केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर पुलिस, फायर सर्विस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और जेल सेवाओं के 1,057 कर्मियों को गैलेंट्री और सर्विस मेडल देने का ऐलान किया है।
इनमें 301 गैलेंट्री मेडल, 92 प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस और 664 मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस शामिल हैं। इनके अलावा CBI के 21 अधिकारियों और कर्मचारियों को भी उनकी सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है।
कुल 301 गैलेंट्री मेडल में 272 पुलिसकर्मी और 29 फायर सर्विस कर्मी शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 197 कर्मी लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म यानी नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के 51, नॉर्थ-ईस्ट के 12 और अन्य क्षेत्रों के 41 कर्मियों को भी गैलेंट्री मेडल दिया गया है। गैलेंट्री मेडल ऐसे कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने जान बचाने, संपत्ति की रक्षा करने, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने के दौरान असाधारण बहादुरी दिखाई हो।
92 कर्मियों को प्रेसिडेंट्स मेडल, 664 को मेरिटोरियस सर्विस मेडल
सरकार ने 92 कर्मियों को प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (PSM) दिया है। इनमें 83 पुलिस सेवा, 4 फायर सर्विस, 3 सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड और 2 करेक्शनल सर्विस के कर्मी शामिल हैं। यह सम्मान सेवा में विशेष और उत्कृष्ट रिकॉर्ड के लिए दिया जाता है।
इसके अलावा 664 कर्मियों को मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) से सम्मानित किया गया है। इनमें 606 पुलिस, 28 फायर सर्विस, 18 सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड और 12 करेक्शनल सर्विस के कर्मी शामिल हैं। यह मेडल कर्तव्य के प्रति समर्पण और बेहतर सेवा के लिए दिया जाता है।
CBI के 21 अफसर-कर्मियों को भी राष्ट्रपति पदक
CBI के 21 अधिकारियों और कर्मचारियों को भी राष्ट्रपति पदक मिला है। इनमें 6 को PSM और 15 को MSM दिया गया है। PSM पाने वालों में शोभा दत्ता, मनोज बनर्जी, गिन्नी राणा, संजय कुमार समाल, रमेश चंद और मदन लाल धीमान शामिल हैं। इनमें SP, ASP, DSP और ASI स्तर के अधिकारी-कर्मचारी हैं।
MSM पाने वालों में DSP, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल के साथ लीगल और टेक्निकल स्टाफ भी शामिल हैं। ये CBI की दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, कोलकाता, जयपुर, पटना, चंडीगढ़, मदुरै और बेंगलुरु समेत अलग-अलग यूनिट में तैनात हैं। पुरस्कारों के जरिए CBI के जांच, कानूनी, तकनीकी, प्रशासनिक और फील्ड स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के योगदान को सम्मानित किया गया है।