राहुल बोले-देश में लोगों को बोलने से रोका जा रहा:हमारा काम आवाज बुलंद करना; सरकार को समझ आ गया कि लोग अब चुप नहीं रहेंगे

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया, ‘सरकार लोगों को अपनी बात रखने से रोक रही है। सरकार व्यवस्था लागू करना चाहती है, जबकि कांग्रेस का काम भारत को अपनी बात कहने का मौका देना है।’

उन्होंने यह बात दिल्ली में कांग्रेस के ‘रचनात्मक कांग्रेस प्रकोष्ठ’ अधिवेशन में कही। राहुल ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र अपनी बात रखना चाहते थे। छात्र परेशान थे और अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। सरकार को समझ आ गया है कि लोग अब चुप नहीं रहेंगे।

इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार की फॉरेन पॉलिसी का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि पीएम की कूटनीति विदेशी नेताओं को गले लगाने से कुछ ज्यादा नहीं है।

राहुल बोले- पीएम मोदी रात में सोते नहीं, 4 बड़ी बातें

  • राहुल गांधी ने कहा कि उनकी कोशिशें सरकार को परेशान कर सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि PM मोदी रात में सो नहीं पाते। इसकी और भी वजह हो सकती हैं।
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कभी चाणक्य और सरदार पटेल जैसे नामों से जोड़ा जाता था, लेकिन अब वह संसद में प्रवेश तक नहीं कर पाए। ऐसा इसलिए है क्योंकि पहली बार उन्हें भारत की आवाज और उसकी अभिव्यक्ति का सामना करना पड़ रहा है।
  • भारत में बहुत से लोग कायरों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। अगर आप ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहे हों और डर लगने की बात कहें तो समझ में आती है, लेकिन आज आप उन मसखरों और जोकरों से लड़ रहे हैं, जिन्हें हमारे दर्शन या इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है।
  • यदि किसी दिन आरएसएस की अभिव्यक्ति को खत्म करने की बात होगी तो वह उसकी भी रक्षा करेंगे।

राहुल ने गले लगाया तो संदीप ने कहा- आपने मुझे मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था

राहुल गांधी ने पीएम मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम की कूटनीति विदेशी नेताओं को गले लगाने से कुछ ज्यादा ही जुड़ी हुई है। मुझे नहीं पता कि उन्हें यह विचार कहां से आया। उन्हें लगता है कि गले लगाना ही विदेश नीति है।

ऐसा कहते हुए राहुल ने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगा लिया। वहीं, दीक्षित ने चुटकी लेते हुए कहा- आपने मुझे मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था?” राहुल ने जवाब दिया- मैं अभी वहां तक नहीं पहुंचा हूं। उनकी इस बात से लोग हंस पड़े।

दो दिन के अधिवेशन में कई मुद्दों पर चर्चा

रचनात्मक कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन 12 अगस्त को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में हुआ था। इसमें सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, अकादमिक जगत, कलाकारों, समुदाय प्रतिनिधियों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।

पहले दिन अर्थव्यवस्था, रोजगार, गरीबी और असमानता, पर्यावरण, विकास, विस्थापन, प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, अधिकार, संस्कृति और शोध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे।