आगरा में टीचर पति को पत्नी ने दी किडनी:बोलीं- जिसके साथ जीना-मरना, उसके लिए किडनी कुछ भी नहीं; ससुर बोले- बहू ‘सावित्री’ बनी

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। पहला ट्रांसप्लांट टीचर महेंद्र कुशवाहा का हुआ। उनकी पत्नी मीना ने अपनी एक किडनी देकर पति को नया जीवन दिया है। अब महेंद्र और मीना दोनों स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

सोमवार को मीना ने पति से वीडियो कॉल पर बात की। कहा- आप ठीक तो हैं? मीना ने कहा कि मैंने जिसके साथ जीने-मरने की कसम खाई, उसके लिए एक किडनी कुछ भी नहीं है। मैं बहुत खुश हूं कि मेरी किडनी पति के काम आई। इतना कहते ही मीना की आंखें छलक पड़ीं। 2 मिनट तक पति से बात करने के बाद मीना को तसल्ली हुई। उन्होंने भगवान और डॉक्टरों का शुक्रिया अदा किया।

हाथरस के सिकंदराराऊ में रहने वाले महेंद्र कुशवाहा (32) एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं। डेढ़ साल पहले उन्हें पता चला कि उनकी किडनी खराब हैं। इसके बाद से वह लगातार डायलिसिस करा रहे थे। शरीर कमजोर होता जा रहा था। डायलिसिस के लिए पत्नी मीना खुद उन्हें लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज आती थीं। मीना 3 बच्चों की परवरिश के साथ घर भी संभालती रहीं।

डॉक्टर ने मीना को बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट होने पर महेंद्र की जान बच सकती है। प्राइवेट अस्पतालों में खर्च अधिक होने से ट्रांसप्लांट के लिए रुपए का इंतजाम महेंद्र और मीना के लिए चुनौती बन गया। इसी बीच उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की सेवाएं शुरू होने के बारे में पता चला। इसके बाद मीना ने पति को दिखाकर रजिस्ट्रेशन कराया और अपनी किडनी देने का फैसला किया।

ट्रांसप्लांट के 3 बाद पति-पत्नी में वीडियो कॉल पर हुई बात

जांच में मीना की रिपोर्ट भी ठीक आई। इसके बाद 22 अगस्त को एसएन मेडिकल कॉलेज में महेंद्र का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। यह मेडिकल कॉलेज के इतिहास में पहला मौका था, जब ये सर्जरी हुई। इसके बाद से मीना और महेंद्र एसएन के आइसोलेट वार्ड में भर्ती हैं। सोमवार को डॉक्टरों ने पति-पत्नी की फोन पर वीडियो कॉल कर बात कराई। इसमें एक-दूसरे का हाल जाना।

मीना बोलीं- एक मिनट में लिया किडनी देने का फैसला

मीना ने बताया- जब मुझे पता चला कि पति की दोनों किडनियां खराब हैं। अब केवल ट्रांसप्लांट ही एक रास्ता है। ऐसे में किडनी दान करने का बात आई। इसक पर मैंने एक मिनट में ही पति को किडनी देने का फैसला कर लिया।

ससुर बोले- बेटे के लिए बहू सावित्री बन गई

महेंद्र के पिता पप्पू सिंह ने भी बेटे से बात की। उन्होंने बताया कि बेटे की हालत ठीक है। पप्पू सिंह बहू मीना को उनके इस त्याग के लिए आशीर्वाद दे रहे। उनका कहना है कि बहू बेटे के लिए सावित्री बनकर आई है। हमारे लिए वह किसी देवी से कम नहीं है।

वीडियो कॉल पर की पति से बात

इंफेक्शन से बचने और मेडिकल गाइडलाइंस की वजह से मीना अभी कुछ दिन अपने पति महेंद्र से सीधे तौर पर नहीं मिल सकतीं। इसलिए अस्पताल प्रशासन की मदद से दोनों की वीडियो कॉल पर बात कराई गई।

किडनी रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया- मरीज की किडनी समेत अन्य जांच कराई गईं। सभी ठीक आई हैं। यूरिन भी बनने लगा है। लिक्विड भोजन भी दिया गया है। मरीज बैठने भी लगा है। 2 सप्ताह बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।