पेंशन और फसल के पैसे नहीं देने के विवाद में पोते ने कुल्हाड़ी-लाठी से वार कर दादा की हत्या की थी। दादा रिटायर्ड हेड कॉन्स्टेबल था। हत्या के बाद आरोपी मौके से CCTV और डीवीआर निकालकर फरार हो गया था।
आरोपी के पिता ने शव को घर से 500 मीटर दूर फेंक दिया था। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर थाना क्षेत्र में 21 सितंबर को हत्या हुई थी। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया।
थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया- नीमराना निवासी दरियाब सिंह ने 22 सितंबर को रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि मेरे पिता गोवर्धन सिंह (72) की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है। उनका शव घर से 500 मीटर दूर पड़ा मिला। पुलिस मौके पर पहुंची। बानसूर उप जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया।
जांच में सामने आया कि गोवर्धन के दो बेटे दरियाब सिंह और सुंदर नीमराना में रहते हैं। 2023 में गोवर्धन की पत्नी का निधन हो गया था। इसके बाद वे बानसूर थाना क्षेत्र के डाकोडा गांव में जमीन खरीदकर रहने लगे। गोवर्धन दोनों बेटों को पेंशन के पैसे नहीं देते थे।
पूछताछ के बाद पुलिस को सुंदर सिंह के बेटे अंकित पर शक हुआ। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अंकित का दादा से पेंशन और फसल के पैसे नहीं देने को लेकर विवाद चल रहा था। उसने हत्या करना कबूल कर लिया। पुलिस सुंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सीसीटीवी और डीवीआर बरामद कर लिए हैं।
दीवार फांदकर घर में घुसा, फिर कुल्हाड़ी-लाठी से मार डाला
पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को गोवर्धन सिंह ने बेटों और पोतों को बाजरे की कटाई के लिए डाकोडा बुलाया था। 20 सितंबर को फसल काटने के बाद सभी लोग नीमराना चले गए। 21 सितंबर को अंकित ने घर पर कहा था कि मैं भिवाड़ी में मोहनराम बाबा तपोभूमि जा रहा हूं।
वह शाम को डाकोडा पहुंच गया और दीवार फांदकर घर के अंदर घुस गया। मौका देखकर उसने कुल्हाड़ी से गोवर्धन सिंह के सिर पर दो बार वार किए। इस दौरान कुल्हाड़ी की लकड़ी टूट गई।
इसके बाद अंकित ने मौके पर पड़ी लाठी से गोवर्धन सिंह पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई।
मां-पिता ने सबूत मिटाने की कोशिश की
वारदात के बाद अंकित ने अपनी मां को फोन कर हत्या के बारे में बताया। मां ने उसे नीमराना आने के लिए कहा।
22 सितंबर की सुबह अंकित के पिता सुंदर सिंह और मां नीमराना से डाकोडा पहुंचे। पिता सुंदर ने शव को घर से 500 मीटर दूर फेंक दिया। इसके बाद सुंदर ने अपने बड़े भाई दरियाब सिंह और गांव के लोगों को हत्या की सूचना दी।