लुधियाना में निहंगों ने ठेके पर डंडे बरसाए:पानी की टोंटी तोड़ी, बोले- खुले में शराब पी तो गर्दन उतार देंगे

लुधियाना में ठेके के बाहर खुले में शराब पी रहे लोगों पर निहंगों ने डंडे बरसाए। ताजपुर रोड स्थित कुंडल चौक पर हुई इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। निहंगों ने ठेके के बाहर शराब पीने वालों को खदेड़ने के साथ पानी की टोंटी भी तोड़ दी। मामला 15 अक्टूबर का है।

निहंगों ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क पर बैठकर शराब पीना और तमाशा खड़ा करना किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्या यहां से बहन-बेटियां नहीं निकलती हैं? यहां जो भी हमें खुले में शराब पीता दिखा, उसकी गर्दन उतार देंगे।

निहंगों ने यह भी दो-टूक कहा कि उनकी यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और यदि कोई विवाद होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

ठेका मालिक की सफाई- हम खुद मना करते हैं

इस पूरे मामले पर शराब के ठेके पर मौजूद लोगों का कहना है कि वे खुद लोगों को बाहर बैठकर शराब पीने से मना करते हैं। हम लोगों को कई बार रोकते और समझाते हैं कि ठेके के बाहर न बैठें, लेकिन लोग हमारी सुनते ही नहीं हैं। ये लोग जबरन यहीं बैठकर शराब पीने लगते हैं।

13 अक्टूबर को हुई थी परविंदर सिंह झोटा की हत्या

बता दें कि, 13 अक्टूबर को मानसा में नशा बेचने का विरोध करने पर एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा और मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान झोटा फेसबुक पर लाइव थे। आरोप है कि विवाद के बीच अश्विनी कुमार ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से झोटा पर गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौत हो गई।

झोटा हत्याकांड को लेकर 15 अक्टूबर को पंजाब बंद

इस घटना में झोटा के चार साथी भी घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में अश्विनी कुमार, उसकी पत्नी नीलम रानी और उसकी मदद करने के आरोप में एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। झोटा हत्याकांड को लेकर 15 अक्टूबर को पंजाब बंद रखा गया।

परिवार का अंतिम संस्कार करने से इनकार

कई जगह बाजार बंद रहे और धरने दिए गए। किसान संगठनों, विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार को इंसाफ दिलाने, मामले की सीबीआई जांच कराने और अन्य मांगों को लेकर आवाज उठाई। परिवार ने मांगें पूरी होने तक शव लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था।