नंबर कम के डर से घर छोड़कर वृंदावन पहुंचा छात्र:बहादुरगढ़ में साइकिल से स्टेशन पहुंचा, मंदिर बंद होने पर रातभर रोता रहा

झज्जर के बहादुरगढ़ में 9वीं कक्षा का एक छात्र टेस्ट में कम नंबर आने के डर से घर से निकलकर सैकड़ों किलोमीटर दूर वृंदावन पहुंच गया। मंदिर के कपाट बंद होने के बाद वह रातभर रोता रहा। एक व्यक्ति ने उसके स्कूल आईकार्ड पर लिखे फोन नंबर से पिता को सूचना दी। इसके बाद पिता रात में ही वृंदावन पहुंचे और सुबह करीब 4 बजे बेटे को सुरक्षित घर ले आए।

एसएचओ ने अभिभावकों से अपील की कि कम अंक आने पर बच्चों को डांटने के बजाय प्यार से समझाएं।

गनीमत रही कि एक व्यक्ति की नजर उस पर पड़ गई। स्कूल के आईकार्ड पर लिखे फोन नंबर के जरिए उसके पिता से संपर्क हुआ और परिवार को बेटे की सुरक्षित वापसी की राह मिली।

व्यक्ति ने देख पिता से किया संपर्क

सेक्टर-2 निवासी अमित कुमार का बेटा लापता हो गया था। परिजन उसकी तलाश में परेशान थे। जानकारी के अनुसार, छात्र साइकिल से रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन में बैठकर वृंदावन चला गया। रात को मंदिर के कपाट बंद होने के बाद वह वहीं रो रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसे देखा और उसके पास जाकर जानकारी ली।

बच्चे के पास मौजूद स्कूल आईकार्ड पर लिखे फोन नंबर से उस व्यक्ति ने उसके पिता अमित कुमार से संपर्क किया। बेटे के वृंदावन में होने की सूचना मिलते ही परिवार ने राहत की सांस ली। अमित कुमार रात करीब दस बजे अपने वाहन से वृंदावन के लिए रवाना हुए और सुबह करीब चार बजे बेटे को लेकर घर लौट आए।

बताया जा रहा है कि टेस्ट में कम अंक आने के कारण छात्र परेशान था। उसे डर था कि घर पहुंचने पर परिजन क्या कहेंगे। इसी चिंता में उसने घर छोड़ने का कदम उठा लिया। हालांकि, समय रहते उसकी जानकारी मिल गई और वह सुरक्षित घर लौट आया।

बच्चों को प्यार से समझाएं- SHO

एसएचओ सत्यवीर सिंह के अनुसार, बच्चे के स्कूल आईकार्ड पर लिखे फोन नंबर के जरिए उसके परिजनों से संपर्क किया गया। सूचना मिलते ही उसके पिता वृंदावन पहुंचे और सुबह बेटे को सुरक्षित घर ले आए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की, कि टेस्ट में कम अंक आने पर बच्चों को डांटने के बजाय प्यार से समझाएं।

बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव न बनाएं, बल्कि उनका हौसला बढ़ाएं, ताकि वे किसी परेशानी में आकर ऐसा कदम न उठाएं।