जालंधर के PAP पहुंचे डीजीपी गौरव यादव ने बुधवार को नशे के आंकड़े गिनाते हुए सरकार के नए मिशन के बारे में बताया। डीजीपी ने कहा कि अब हर शहर-गांव में नशे के हॉटस्पॉट ढूंढकर वहां पुलिस के साथ सिविल अधिकारी भी तैनात रहेगा। पंजाब सरकार ने 60 दिनों का मिशन मोड अभियान तैयार किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि पुलिस के साथ-साथ हेल्थ, एजुकेशन और स्पोर्ट्स विभागों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। योजना के तहत सबसे पहले हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान की जाएगी। हर हॉटस्पॉट पर पुलिस अधिकारी और सिविल अधिकारी की तैनाती होगी।
सिर्फ गिरफ्तारियां ही नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में खेल मैदान बनाने, स्ट्रीट लाइटें और CCTV लगाने के साथ-साथ युवाओं को रिहैबिलिटेशन सेंटर और नशा मुक्ति सेवाओं के जरिए मुख्यधारा में लाया जाएगा।
नशे पर DGP ने पेश किए अब तक के आंकड़े
- 1.27 लाख आरोपी जेल भेजे गए: DGP गौरव यादव ने बताया कि मार्च 2022 से अब तक एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 95 हजार से अधिक FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 27 हजार से ज्यादा आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। इस दौरान 7,200 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त करने के साथ ही तस्करों की 902 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज की गई है, जो देशभर में किसी भी राज्य का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
- AGTF ने 3500 से अधिक असामाजिक तत्व गिरफ्तार किए: डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने 6 अप्रैल 2022 से अब तक विभिन्न आपराधिक गिरोहों के 3,526 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जनवरी 2026 से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 1,288 गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 2,507 अत्याधुनिक हथियार और 752 वाहन जब्त किए हैं।
- देशविरोधी साजिशों और नार्को-टेररिज्म पर प्रहार: सुरक्षा के मोर्चे पर पंजाब पुलिस ने सीमा पार से संचालित होने वाले 86 आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 660 देशविरोधी तत्वों को गिरफ्तार किया है। इन अभियानों में 38 आईईडी (IED), 131 हैंड ग्रेनेड, 28 किलो आरडीएक्स (RDX) और 6 रॉकेट लॉन्चर बरामद किए गए हैं।
- पुलिस के आधुनिकीकरण पर 1600 करोड़ का निवेश: पुलिस बल की क्षमता, तकनीकी दक्षता और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से 1,600 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया गया है। इसके तहत आधुनिक भवनों, उन्नत उपकरणों, सॉफ्टवेयर और साइबर क्राइम थानों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।