6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ी:दिल्ली में फाइनल लिस्ट अब 22 दिसंबर को; सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- अभी चुनाव नहीं हैं, फिर जल्दबाजी क्यों

चुनाव आयोग ने 6 राज्यों में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का शेड्यूल बदल दिया। आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाताओं को नाम जुड़वाने, कटवाने या किसी गड़बड़ी पर दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।

वहीं, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नगालैंड में नोटिस के निपटारे की समयसीमा बढ़ाई गई है। नए शेड्यूल के मुताबिक, महाराष्ट्र समेत 5 राज्यों में फाइनल वोटर लिस्ट 30 नवंबर को और दिल्ली में 22 दिसंबर को जारी होगी।

यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद हुआ है, जिसमें छूटे हुए मतदाताओं को दावा-आपत्ति का पर्याप्त मौका देने और प्रक्रिया में जल्दबाजी न करने पर जोर दिया गया था। कोर्ट ने 28 अक्टूबर को चुनाव आयोग से पूछा था कि इन राज्यों में अभी चुनाव नहीं हैं, फिर इतनी जल्दबाजी क्यों।

तीसरे फेज में 36.73 करोड़ वोटर्स का वेरिफिकेशन

SIR के तीसरे चरण में हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR हो रहा है। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन होगा। SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं।

तीसरे फेज में SIR वाले राज्यों में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा वोटर हैं। दादरा और नगर हवेली एवं दमन-दीव में वोटरों की संख्या सबसे कम है।

हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में SIR बाद में होगा

SIR के तीसरे फेज के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। तीनों बचे हुए राज्यों में खराब मौसम और जनगणना के कारण SIR के शेड्यूल की घोषणा बाद में की जाएगी।

SIR फेज 1-2 : 10 राज्य, 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हुए

चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। पहले फेज के तहत, बिहार में सबसे पहले SIR हुआ था। दूसरे फेज के तहत 28 अक्टूबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR हुआ।

चुनाव आयोग ने बताया कि पहले दो फेज में करीब 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया गया था। इस दौरान 6.3 लाख BLO और 9.2 लाख BLA प्रक्रिया में शामिल हुए।

SIR: भारत में 21 साल बाद हो रहा वोटर लिस्ट का रिविजन

SIR (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसमें वोटर लिस्ट की पूरी तरह से जांच और अपडेट किया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि वोटर लिस्ट में सिर्फ पात्र और सही मतदाताओं के नाम हों।

भारत में SIR करीब 21 साल बाद हो रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इससे पहले देशभर में ऐसा बड़ा अभियान 2002 से 2004 के बीच चला था। चुनाव आयोग ने बताया था कि देश में SIR की प्रक्रिया आठवीं बार हो रही है।