उत्तराखंड के राज्यपाल ने गोल्डन टेंपल में टेका मत्था:मानवता की शांति के लिए की अरदास, SGPC ने किया सम्मानित

उत्तराखंड के राज्यपाल व लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह शनिवार को अमृतसर स्थित सचखंड श्री दरबार साहिब में नतमस्तक हुए। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सिरोपा तथा श्री दरबार साहिब का प्रतीक मॉडल भेंट कर सम्मानित किया।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने इस मौके मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका इस पवित्र नगरी से गहरा जुड़ाव है क्योंकि उनका जन्म अमृतसर जिले के जालाल उस्मा गांव में हुआ था। उन्होंने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि जब वे सेकंड लेफ्टिनेंट बने थे, तब भी उन्होंने श्री दरबार साहिब में आकर गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया था। उन्होंने कहा कि यहां आकर मन को अद्भुत शांति और ऊर्जा मिलती है।

देश व मानवता की सुख-शांति के लिए की अरदास

उन्होंने देश, मानवता और विशेषकर उत्तराखंड एवं पंजाब के लोगों की सुख-शांति और उन्नति के लिए अरदास की। राज्यपाल ने गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और गुरु नानक देव जी के एकता के संदेश को पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक बताया।

इस दौरान उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उत्तराखंड में स्थित पवित्र हेमकुंट साहिब के लिए रोपवे परियोजना का कार्य शीघ्र शुरू होने जा रहा है। इसके लिए अनुबंध पूरा हो चुका है, जिससे भविष्य में श्रद्धालुओं को यात्रा और दर्शन में बड़ी सुविधा मिलेगी।

अमृतसर का बेटा देश के उच्च पद पर सेवाएं दे रहा- धामी

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा करतारपुर कॉरिडोर खोलने और वीर बाल दिवस जैसे ऐतिहासिक निर्णयों की भी सराहना की। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने कहा कि यह अमृतसर के लिए गर्व की बात है कि इस धरती का बेटा आज देश के उच्च पद पर सेवाएं दे रहा है। इस अवसर पर श्री गुरु अंगद देव जी के प्रकाश पर्व पर संगत को शुभकामनाएं दी गईं और पूरे परिसर में श्रद्धा एवं उत्साह का माहौल देखने को मिला।