एयरपोर्ट पर शख्स को देखते ही अनुष्का ने छुए पैर:पीछे खड़े विराट कोहली मुस्कुराए, प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने से पहले मुलाकात हुई

क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा हाल ही में वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे। वृंदावन जाने से पहले दोनों दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए, जिसका एक वीडियो सामने आया है।

वीडियो में विराट और अनुष्का एयरपोर्ट से बाहर निकलते दिख रहे हैं। बाहर आते ही अनुष्का वहां खड़े एक शख्स के पास गईं और उनके पैर छुए। इसके बाद उन्होंने उन्हें गले लगाया।

अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि ये शख्स कौन हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि वो अनुष्का के अंकल हैं, जो विराट और अनुष्का को एयरपोर्ट पर रिसीव करने पहुंचे थे। वो भी अनुष्का और विराट के साथ वृंदावन गए।

बता दें कि यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अनुष्का की सादगी और संस्कार की तारीफ कर रहे हैं। यूजर्स ने लिखा कि यही भारतीय संस्कृति की पहचान है।

विराट-अनुष्का रविवार देर शाम वृंदावन पहुंचे थे

विराट और अनुष्का ने अक्षय तृतीया पर सोमवार को वृंदावन पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। दोनों ने प्रेमानंद महाराज का सत्संग भी सुना।

IPL के बिजी शेड्यूल के बीच विराट और अनुष्का रविवार देर शाम वृंदावन पहुंचे थे। दोनों होटल रेडिसन में ठहरे थे। सोमवार सुबह करीब 6 बजे वे संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केलीकुंज पहुंचे।

आश्रम में करीब ढाई घंटे रुकने के बाद दोनों होटल गए, जहां से सुबह करीब 10 बजे संत प्रेमानंद महाराज के गुरु संत हित गौरांगी शरण महाराज के वराह घाट स्थित आश्रम पहुंचे। यहां दर्शन कर फिर होटल लौटे और करीब 11 बजे रवाना हो गए।

विराट-अनुष्का ने जमीन पर बैठकर सत्संग सुना

आश्रम में विराट और अनुष्का बेहद साधारण वेशभूषा और सादगी भरे अंदाज में नजर आए। बिना किसी वीआईपी तामझाम के दोनों ने आम श्रद्धालुओं की तरह जमीन पर बैठकर काफी देर तक सत्संग सुना। दोनों शांत रहे और कोई सवाल नहीं पूछा।

छठवीं बार प्रेमानंद से मिलने पहुंचे विराट और अनुष्का

विराट और अनुष्का ने अब 6 बार संत प्रेमानंद से मुलाकात कर ली है। पहली बार 4 जनवरी, 2023 को दोनों संत प्रेमानंद से मिले थे। बीते 16 महीने में दोनों की यह 5वीं मुलाकात है। 16 फरवरी को बेटे अकाय के जन्मदिन के बाद भी दोनों यहां आए थे। साल 2025 में भी यह कपल तीन बार आश्रम पहुंचा था, जनवरी में बच्चों के साथ, मई में और फिर दिसंबर में।