होशियारपुर के दसूहा में भोले-भले लोगों को निशाना बनाकर एटीएम कार्ड बदलने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दसूहा पुलिस ने गिरोह के एक शातिर सदस्य को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी फिल्मी स्टाइल में गाड़ी भगाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 11 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
दसूहा पुलिस ने पकड़े गए आरोपी किशन और उसके फरार साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। स्थानीय इलाके में आरोपियों की कार भागने का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है।
जानिए कैसे शिकंजे में फंसा: शक होने पर लोगों ने कड़ा, फिर पुलिस को बुलाया
मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह अड्डा रंधावा शुगर मिल के पास स्थित एक निजी कंपनी के एटीएम को निशाना बना रहा था। एटीएम से पैसे निकालने आए कुछ लोगों को आरोपी की हरकतों पर शक हो गया। सजग नागरिकों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और आरोपी को दबोचकर वहीं बांधकर बैठा लिया और मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी।
पुलिस को देख फिल्मी स्टाइल में कार लेकर भागे साथी
घटना की सूचना मिलते ही जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो बाहर कार में इंतजार कर रहे गिरोह के अन्य दो साथी सतर्क हो गए। पुलिस को आता देख वे अपनी कार को बेहद तेज रफ्तार में फिल्मी स्टाइल में भगाकर ले गए। चश्मदीदों के मुताबिक मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने अपनी कार से आरोपियों का पीछा करने की कोशिश भी की, लेकिन इलाके में भारी भीड़ (ट्रैफिक) होने के कारण आरोपी चकमा देकर भागने में सफल रहे।
हरियाणा का रहने वाले हैं आरोपी, पूरे पंजाब में सक्रिय
जांच अधिकारी गुरबचन सिंह ने बताया कि पुलिस को एटीएम में हेराफेरी की सूचना मिली थी। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान किशन पुत्र शिशुपाल, निवासी मसूदपुर, जिला हांसी (हरियाणा) के रूप में हुई है।पूछताछ के दौरान आरोपी किशन ने कबूल किया कि वह अपने साथी सतीश कुमार और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर इस गिरोह को चला रहा था। यह गिरोह मूल रूप से हरियाणा का है, लेकिन पूरे पंजाब में सक्रिय था।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम- बूढ़े बुजुर्ग निशाने पर
पूछताछ में आरोपी ने गिरोह के काम करने के तरीके का बड़ा खुलासा किया। गिरोह के सदस्य पंजाब के अलग-अलग शहरों के एटीएम में घुस जाते थे और वहां आने वाले बुजुर्गों व महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे। पैसे निकलवाने में मदद करने के बहाने ये शातिर अपराधी उनका एटीएम पिन (पासवर्ड) देख लेते थे।
असली कार्ड लेकर थमा देते थे नकली कार्ड
मदद के दौरान ही ये बड़ी चालाकी से असली एटीएम कार्ड बदल देते थे और पीड़ित को उसी बैंक या कंपनी का दूसरा फर्जी/पुराना कार्ड थमा देते थे। असली कार्ड और पिन हाथ में आते ही ये किसी दूसरे एटीएम पर जाकर पीड़ित के खाते से सारे पैसे साफ कर देते थे।