होशियारपुर में बदमाशों ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरपंच की घर के बाहर ही हत्या कर दी। हमलावरों ने पहले कार पार्किंग के बहाने झगड़ा किया। फिर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। जब सरपंच झगड़ा रोकने आए तो बदमाशों ने उनके ऊपर कार चढ़ा दी और 2 बार आगे-पीछे कर उन्हें बुरी तरह से कुचल दिया।
यही नहीं, जब उन्हें अस्पताल ले जाया जाने लगा तो रास्ते में रोककर फिर से हमला करने की कोशिश की। यह देख सरपंच के बेटे ने किसी तरह कार रिवर्स गियर में डालकर जान बचाई। हालांकि इस दौरान पिता की मौत हो गई। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि हमलावर पंचायती तौर पर सरपंच के कराए एक समझौते से नाराज थे। इसलिए पूरी साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला…
- हथियार लेकर सरपंच के घर पहुंचे हमलावर: चश्मदीद गुरिंदर सिंह गोल्डी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8 बजे 15-20 आरोपी आल्टो और फोर्ड फिगो कारों के अलावा कई मोटरसाइकिलों पर सवार होकर सरपंच सतपाल सिंह (55) के घर पहुंचे। घर के बाहर खड़ी गाड़ी हटाने को लेकर कहासुनी हुई और देखते ही देखते आरोपियों ने हमला कर दिया।
- पहले कार से कुचला, फिर तलवारों से ताबड़तोड़ वार: मृतक के बेटे राहुल के अनुसार, पिता जब आरोपियों को रोकने बाहर आए तो उन पर तलवारों से कई वार किए गए। बचाव में उन्होंने तलवार पकड़ ली। इसके बाद आरोपियों ने कार दो बार रिवर्स कर उनके ऊपर चढ़ा दी। राहुल का आरोप है कि जब उन्हें पता चला कि सरपंच जिंदा हैं तो आरोपी इसके बाद कार से उतरे और खंडों से दोबारा हमला कर दिया। घर के लोग और महिलाएं बाहर निकलने लगीं तो सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
- अस्पताल ले जाते वक्त भी हमले की कोशिश: राहुल ने बताया कि घायल पिता को अस्पताल ले जाते समय आरोपियों ने रास्ते में बोलेरो अड़ाकर फिर हमला करने की कोशिश की। जान बचाने के लिए उन्होंने गाड़ी रिवर्स कर आरोपियों की बोलेरो में टक्कर मारी और सीधे मुख्य थाने के गेट के अंदर पहुंच गए। वहां से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक सरपंच की मौत हो चुकी थी।
- इन लोगों पर लगाए गंभीर आरोप: परिजनों के अनुसार, हमलावरों में जानखेड़ी निवासी भागू, महलांवाली के अंकू, पंकज पठानिया समेत करीब 20 लोग शामिल थे। सभी दो कारों और कई मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे। आरोप है कि सेवानिवृत्त सैनिक और अंकू के चाचा जस्सी ने भी हमले में उनका साथ दिया।
राजीनामे की रंजिश बनी हत्या की वजह राहुल के अनुसार, कुछ समय पहले पड़ोसी गांव के युवकों के बीच हुए विवाद में उनके पिता ने मध्यस्थता कर राजीनामा कराया था। इसी समझौते से आरोपी नाराज थे। परिजनों का आरोप है कि उसी रंजिश के चलते मंगलवार रात सरपंच पर जानलेवा हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।
पुलिस बोली- कुछ आरोपी हिरासत में, जांच जारी डीएसपी सिटी कुलभूषण शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सरपंच की मौत उनके ऊपर कार चढ़ाने से हुई है। हत्या के पीछे की वजह और पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।