देश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के लिए पहचाने जाने वाला मध्य प्रदेश अब सरकारी खाद्यान्न भंडारण क्षमता में भी अग्रणी राज्यों की कतार में पहुंच गया है। संसद में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 34.94 लाख मीट्रिक टन (3,493.80 हजार टन) खाद्यान्न भंडारण की क्षमता उपलब्ध है। इस क्षमता के आधार पर मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है।
खास बात यह है कि पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा जैसे बड़े कृषि एवं उपभोक्ता राज्य भी भंडारण क्षमता के मामले में मध्य प्रदेश से पीछे हैं। राज्यसभा में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से दिए गए लिखित उत्तर में यह जानकारी सामने आई है।
देश की भंडारण क्षमता में 63% हिस्सेदारी एमपी की
सरकार के अनुसार देश में वर्ष 2024-25 के दौरान एफसीआई, राज्य एजेंसियों और अन्य व्यवस्थाओं को मिलाकर कुल 5.55 करोड़ मीट्रिक टन खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसमें अकेले मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 6.3 प्रतिशत है। प्रदेश से आगे केवल उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल हैं।
देश के कुल भंडारण में एमपी का हिस्सा
देश की कुल क्षमता 55,493.76 हजार टन है। मध्य प्रदेश में अनाज भंड़ारण की क्षमता 3,493.80 हजार टन है। देश के परिप्रेक्ष्य में देखें तो कुल हिस्सेदारी करीब 6.3% है।