मोदी बोले- पेपरलीक रोकने के लिए कल कठोर कानून लाएंगे:परीक्षा सुधार के लिए हाईपावर टास्क फोर्स बनाई, इंफोसिस को-फाउंडर नीलेकणी अध्यक्ष होंगे

नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का प्रदर्शन खत्म होने के एक दिन बाद पीएम मोदी ने परीक्षा सुधार के लिए हाईपावर टास्क फोर्स का गठन किया। टीम में छह मेंबर्स हैं। इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी इसके अध्यक्ष होंगे।

पीएम ने रविवार शाम 7 बजे के करीब इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मैसेज जारी कर इसकी जानकारी दी। पिछले 4 दिनों में यह इंस्टाग्राम पर मोदी का तीसरा वीडियो मैसेज है।

पीएम ने कहा- स्टूडेंट के भविष्य के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। जिन लोगों ने स्टूडेंट के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं।

हमने फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिए हैं। हम कल संसद में कठोर सजा के साथ प्रावधान ला रहे हैं। लेकिन हमें भविष्य के बारे में भी सोचना है। हमारी परीक्षा सिस्टम विश्वस्त हो, इसमें सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का उपयोग हो।

इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी जी के नेतृत्व में एक हाईपावर टॉस्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है। जो एग्जॉनेशन रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा।

नंदन नीलेकणी: 6 प्रमुख सरकारी समितियों/टास्क फोर्स से जुड़े रहे

  • 2009: आधार यानी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पहले अध्यक्ष
  • 2010: वित्त मंत्रालय के स्पेशल प्रोजेक्ट्स के लिए टेक्नोलॉजी एडवाइजर ग्रुप (TAGUP) के अध्यक्ष
  • 2010: ई-गवर्नेंस मानव संसाधन (HR) नीति एक्सपर्ट कमेटी के अध्यक्ष (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय)
  • 2024: ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) की सलाहकार परिषद के सदस्य
  • 2025: इंडिया एनर्जी स्टैक टास्क फोर्स के मुख्य मार्गदर्शक (चीफ मेंटर)
  • 2026: राष्ट्रीय परीक्षा सुधार उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष
  • 23 जुलाई की रात 12 बजे X हैंडल पर पोस्ट किए गए 2.56 मिनट के वीडियो मैसेज में मोदी ने कहा-

    पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।

    फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया…

    उन्होंने यह भी कहा- हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है।दरअसल, यह पूरा मामला 3 मई को हुए NEET UG पेपर लीक से जुड़ा है।

    पीएम मोदी ने शुक्रवार रात को वीडियो जारी कर कहा- थैंक यू फ्रेंड्स! कल (गुरुवार) देर रात आपसे मिलने का मौका मिल गया। मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उसको जिस प्रकार से आपने रिस्पॉन्ड किया और सकारात्मक सुझाव दिए, थैंक्स टू एव्रीबॉडी। यह आपका प्यार बना रहेगा तो हमारा नाता और अधिक सक्रियता से जुड़ता रहेगा। थैंक यू, थैंक यू दोस्तों।

    पेपर लीक के खिलाफ बनी कॉकरोच पार्टी, अनशन, प्रदर्शन फिर इस्तीफा

    3 मई को नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा आंदोलन में बदला। सोशल मीडिया पर 16 मई को कॉकरोच जनता पार्टी बनी। जंतर-मंतर पर करीब 36 दिन प्रदर्शन हुआ। आखिर में 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।

    कल संसद में जितेंद्र सिंह पेपर लीक से जुड़ा बिल पेश करेंगे

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कॉकरोच पार्टी के आंदोलन खत्म होने के बाद संसद में सोमवार को पेपर लीक की रोकथाम से जुड़ा बिल पेश किया जाएगा।

    इस बिल का नाम ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में बिल पेश करेंगे।

    बिल के जरिए 2024 में बने कानून में बदलाव किए जाएंगे। आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बना सकेंगे। इन अदालतों में रोजाना सुनवाई होगी।