गोरखपुर में ज्वैलरी कारोबारी का 10 साल का पोता लापता:स्कूल से लौटा, फिर खेलने बाहर निकला; गली में चप्पल, साइकिल मिली

गोरखपुर के ज्वैलरी कारोबारी का 10 साल का पोता सोमवार शाम लापता हो गया। वह स्कूल से घर लौटा। फिर साइकिल लेकर घर के बाहर खेलने चला गया। करीब 30 मिनट बाद परिवार को सूचना मिली कि बच्चे की साइकिल लावारिस हालत में पड़ी है। परिवार के लोग भागते हुए पहुंचे। आसपास तलाश की तो थोड़ी दूरी पर बच्चे की एक चप्पल मिली।

हालांकि, बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। परिवार ने पूरे इलाके में तलाश की। स्कूल, दोस्तों, रिश्तेदारों में पता किया। कुछ पता नहीं चलने पर पुलिस को सूचना दी। कारोबारी के बच्चे के लापता होने की खबर मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। फॉरेंसिक और पुलिस की टीमें मौक पर पहुंची।

सीसीटीवी चेक किए तो दोपहर 2:07 बजे बच्चा साइकिल लेकर गली से जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद वह नहीं दिखा। पिता का कहना है कि CCTV में 2-3 संदिग्ध लोग दिखाई दे रहे हैं। मामला सीधे-सीधे अपहरण का लग रहा है।

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बच्चे का पता लगाने के लिए 5 टीमें गठित कर दी हैं। मंगलवार सुबह तक बच्चे का पता नहीं लग पाया। घटना जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर खजनी तहसील की है।

क्लास 4 में पढ़ता है, परिवार को किडनैपिंग का शक

खजनी कस्बे में लक्ष्मी नारायण वर्मा रहते हैं। इनकी गिनती इलाके के सबसे बड़े ज्वैलरी कारोबारी में होती हैं। लक्ष्मी नारायण के बेटे हनुमान का सबसे छोटा बेटा वैभव नवल्स एकेडमी से चौथी क्लास में पढ़ाई करता है। सोमवार दोपहर 1:30 बजे वैभव स्कूल से लौटा। घर पहुंचकर बैग रखा और यूनिफॉर्म बदलकर साइकिल लेकर घर से निकलने लगा।

दादी ने वैभव से खाना खाने के लिए कहा तो उसने कुछ देर में आने की बात कही। करीब 30 मिनट बाद एक पड़ोसी ने घर आकर बताया कि वैभव की साइकिल घर के पीछे पड़ी हुई है। दादी घर से 50 मीटर दूर पहुंची तो वैभव नहीं दिखा। आसपास तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। दादी ने परिवार को सूचना दी।

वैभव के पिता और परिवार के बाकी लोग भी 20-25 मिनट में आ गए। उन्होंने तलाश शुरू की तो जहां साइकिल मिली थी, उससे 100 मीटर दूर खाली खेत में वैभव की एक चप्पल पड़ी हुई थी। परिवार को अपहरण का शक हुआ। तुरंत पुलिस को सूचना दी।

खोजी कुत्ते को बच्चे की ड्रेस सुंघाई, एक किमी दूर तक गया

पुलिस डॉग स्कवॉयड लेकर मौके पर पहुंची। बच्चे की स्कूल ड्रेस खोजी कुत्ते को सुंघाई गई। इसके बाद जहां चप्पल पड़ीं थी, वहां से एक किमी दूर खेत से होता हुआ रोड तक गया। ऐसे में पुलिस को शक है कि बच्चा खेत से रोड तक पहुंचा होगा।

एक महीने पहले मां का हो गया था निधन

करीब डेढ़ महीने पहले हनुमान वर्मा की पत्नी यानी वैभव की मां श्वेता वर्मा का बीमारी से निधन हो गया था। तीन भाइयों में वैभव सबसे छोटा है। अपहरण की आशंका से पूरे परिवार को रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि, पुलिस अफसरों का कहना है कि बच्चे का अपहरण हुआ है या वह कहीं चला गया है, यह जांच के बाद ही क्लीयर हो पाएगा।

एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया-
बच्चे की तलाश की जा रही है। अपहरण समेत सभी संभावित एंगल पर जांच का टास्क अलग-अलग टीम को दिया गया है। सीसीटीवी की भी जांच की जा रही है।

सीसीटीवी से बच्चे की एक्टिविटी को समझ रही है पुलिस

पुलिस ने स्कूल व आसपास के सीसीटीवी निकाले हैं। उससे बच्चे की एक्टिविटी को समझने की कोशिश कर रही है। इसमें बच्चे का मूड कैसा था, क्या वह घबराया हुआ था या कोई और बात थी? इसका पता लगाया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि बच्चे के आसपास कोई संदिग्ध तो नहीं था या कोई उसका पीछा तो नहीं कर रहा था।

इन 3 एंगल पर पुलिस की जांच

पुलिस को मंगलवार सुबह तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। फिलहाल, अफसरों ने बताया कि 3 एंगल पर पुलिस टीम जांच कर रही है।

  1. बच्चे की मां का एक महीने पहले निधन हो गया था। परिवार से पूछताछ में पता चला कि बच्चा गुमसुम रहता था। ऐसे में पुलिस जांच रही है कि कहीं बच्चा खुद से कहीं नहीं चला गया।
  2. वैभव इलाके के बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से है। ऐसे में किसी ने फिरौती की लालच में या परिवार से रंजिश में तो उसे नहीं उठाया है।
  3. बच्चे के साथ स्कूल में कुछ ऐसा हुआ हो, जिससे उसके मन में डर आ गया हो और वह चला गया हो या खेत में जाकर कहीं रास्ता तो नहीं भटक गया।