तमिलनाडु के मीनाक्षी मंदिर की 60 करोड़ की जमीन हड़पी:फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा; 19 लोगों पर FIR

तमिलनाडु के मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर से जुड़ी एक चैरिटेबल ट्रस्ट की 1.79 एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से हड़पने का मामला सामने आया है।

इस जमीन की कीमत करीब 60 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मदुरै सिटी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

आरोप है कि आरोपियों ने जमीन के फर्जी ट्रांसफर, रजिस्ट्रेशन और मॉर्गेज ट्रांजेक्शन से जमीन हथियाने की साजिश रची। यह कार्रवाई मंदिर के संयुक्त आयुक्त और कार्यकारी अधिकारी सेल्लादुरई और भ्रष्टाचार विरोधी संस्था अरापोर इयक्कम की शिकायत पर की गई है।

तहसीलदार पर लगा जमीन हड़पने का आरोप

  • मामले में आरोप है कि 24 जून 2016 को तत्कालीन मदुरै उत्तर तहसीलदार अनबझगन ने सरकारी रिकॉर्ड से मंदिर का मालिकाना हक हटा दिया। उन्होंने अवैध रूप से जमीन का पट्टा 9 लोगों के नाम ट्रांसफर कर दिया था।
  • राजस्व संभागीय अधिकारी (RDO) ने तहसीलदार के आदेश को रद्द कर दिया| जमीन को मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति बताते हुए पट्टा वापस मंदिर के नाम करने का निर्देश दिया। इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच में भी केस चल रहा है, जिसने अंतरिम रोक लगा रखी है।

कोर्ट के आदेश के बावजूद मॉर्गेज डीड बनाई

FIR में आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद 16 अप्रैल 2021 को थूथुकुडी जिले के मुराप्पनडु सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार अनंतरामन की मदद से जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) रजिस्टर कराई गई। इसके आधार पर 19 जुलाई 2021 को डिंडीगुल जिले के वडा मदुरै सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में तत्कालीन सब-रजिस्ट्रार प्रशांत संथान करुप्पन के जरिए मॉर्गेज डीड भी रजिस्टर करा ली गई।

जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपियों ने कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद मिलीभगत कर फर्जी पट्टा ट्रांसफर और मॉर्गेज ट्रांजेक्शन के जरिए मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। CCB ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।