पूर्णिया में जदयू नेता और वार्ड पार्षद के बेटे शुभम कुशवाहा और उसके मामा सागर कुशवाहा पर 23 जुलाई को फायरिंग हुई। दरअसल, गोलियां चलाने वाले शुभम की हत्या के लिए पहुंचे थे। शुभम के मर्डर के लिए 6 लाख रुपए की सुपारी दी गई थी। मामले में पुलिस ने 3 शूटरों सहित चार को गिरफ्तार किया है।
इन्होंने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 6 महीने पहले कारोबारी सूरज बिहारी की हत्या हुई थी। उसके छोटे भाई उदय ने बदला लेने के लिए पूरी प्लानिंग की थी।
उदय को लगता है कि जिस ब्रजेश ने सूरज बिहारी को गोली मारी थी, शुभम उसके गिरोह का सदस्य है और सूरज बिहारी की हत्या में उसका भी हाथ है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी…
6 महीने पहले हुई कारोबारी की हत्या
SSP डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि 27 जनवरी को मरंगा थाना क्षेत्र के फनसिटी के पास खुश्की बाग निवासी कारोबारी सूरज बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस हत्याकांड में ब्रजेश सिंह समेत अन्य अपराधी शामिल थे। ब्रजेश सिंह की शुभम कुशवाहा से दोस्ती थी। गिरफ्तार शूटर देवा यादव,राजदीप कुमार और श्याम यादव ने पूछताछ में इसका खुलासा किया है।
मोबाइल चैट में है पूरी प्लानिंग, UPI से पेमेंट
बदमाशों के पास से एक देसी पिस्टल, 4 जिंंदा कारतूस और 5 मोबाइल बरामद किए हैं। मोबाइल में इस गोलीकांड और सुपारी से जुड़े चैट पुलिस को मिले हैं। चैट में पैसे लेन-देन से लेकर प्लानिंग तक है। जिसे पुलिस ने जब्त किया है।
एसएसपी ने बताया कि सुपारी की रकम म्यूल अकाउंट और यूपीआई के जरिए से शूटरों तक पहुंचाई गई थी। पुलिस के पास इसके डिजिटल सबूत मौजूद हैं।
जिसे सुपारी दी थी वो अब भी फरार
पुलिस के अनुसार उदय बिहारी ने शुभम की हत्या की सुपारी पूर्णिया सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले अयान को दी थी। आयन ने श्याम से संपर्क किया और श्याम ने शूटरों की टीम तैयार कर गोलीकांड को अंजाम दिया।
अभी मेन शूटर अयान फरार चल रहा है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। वहीं, मुख्य आरोपी उदय भी अभी फरार है।
अब जानें शुभम पर कैसे और कितनी गोलियां चलाई गईं थी…
10 लोगों ने घेरकर 10 राउंड फायरिंग की
23 जुलाई की शाम करीब 8:00 बजे नेवालाल चौक पर घात लगाए अपराधियों ने जेडीयू जिला उपाध्यक्ष अमरेंद्र कुशवाहा के बेटे शुभम कुशवाहा और उनके मामा सागर कुशवाहा पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं।
करीब 10 लोगों ने दोनों को घेर लिया था। गोलियों से मामा-भांजा (शुभम और सागर) दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। शुभम कुशवाहा को तीन और साले सागर कुशवाहा को दो गोली लगी।
शुभम को करीब से मारी तीन गोली
अपराधियों ने अमरेंद्र कुशवाहा के बेटे शुभम कुशवाहा को बेहद करीब से तीन गोलियां मारी गई हैं। पहली गोली पीठ में लगी। जबकि दूसरी गोली जांघ के ऊपरी हिस्से में लगी और तीसरी हाथ को चीरते हुए निकल गई। साथ में मौजूद उनके मामा सागर कुशवाहा को भी अपराधियों ने दो गोलियां मार दी।
घायल होने के बावजूद सागर खून से लथपथ हालत में ही अपनी कार से शुभम को लेकर तुरंत कस्बा स्थित अस्पताल के लिए निकले। अपराधियों ने भागते वाहन पर भी गोलियां बरसाईं।
जांच के दौरान वाहन की ड्राइवर सीट के ऊपरी हिस्से में एक फंसी हुई गोली और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। गोली लगने के बावजूद सागर कुशवाहा ने हिम्मत दिखाते हुए खुद गाड़ी चलाकर शुभम को अस्पताल पहुंचाया। आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए कसबा स्थित एक निजी अस्पताल (मैक्स-7) में भर्ती कराया गया था। अब दोनों की हालत ठीक बताई जा रही है।
अब जानें कारोबारी सूरज बिहारी हत्याकांड की पूरी कहानी….
झगड़ा सुलझाने में सूरज बिहारी पर हुई थी फायरिंग
सूरज बिहारी दो भाई हैं। सूरज के छोटे भाई का नाम उदय यादव है। उदय का एक दोस्त है, जिसका नाम सूरज शर्मा है। सूरज शर्मा पूर्णिया का फेमस इन्फ्लुएंसर और ब्लॉगर है।
सूरज शर्मा ने 23 जनवरी यानी सरस्वती पूजा के दिन एक लड़की संग फोटो ली और इंस्टाग्राम पर शेयर की। लड़की के बॉयफ्रेंड ने इस तस्वीर को देखकर सूरज शर्मा को टारगेट पर लिया।
झगड़े के बाद कारोबारी सूरज बिहारी विवाद को सुलझाने पहुंचे थे। इसी दौरान बदमाशों ने फायरिंग की। फायरिंग का आरोप नेवालाल चौक इलाके में रहने वाले वांटेड ब्रजेश सिंह पर लगा है।
ब्रजेश लड़की के बॉयफ्रेंड सेहिल के पक्ष से अपने भाई नंदू सिंह और स्मैक से जुड़े गिरोह के 20 से 25 गुर्गों के साथ घटना को अंजाम देने पहुंचा था।
ब्रजेश सिंह पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। 8 साल पहले एक हत्या के आरोप में ब्रजेश का नाम आया। इसके बाद से वो कई छोटी बड़ी घटनाओं में शामिल रहा।
लड़की के साथ फोटो खींचवाने पर बढ़ा था विवाद
सूरज शर्मा के पिता सुबोध शर्मा ने बताया था, मेरा बेटा सूरज शर्मा ब्लॉगर है। सूरज ‘अपना पूर्णिया’ नाम से इंस्टाग्राम पेज चलाता है। इंस्टाग्राम पर उसके 20.5k, फेसबुक पेज पर करीब उतने ही फॉलोअर हैं।
सूरज रोजाना सोशल मीडिया पर दो से तीन वीडियो पोस्ट करता था। वीडियो क्रिएट करने से जुड़े काम को लेकर सरस्वती पूजा यानी 23 जनवरी के मौके पर वो नेवालाल चौक स्थित स्कूल में वीडियो बनाने पहुंचा था।
यहां उसे शहर की एक फेमस वीडियो क्रिएटर मिली तो उसके साथ मेरे बेटे ने फोटो खिंचवाई और उसे इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट कर दिया।
23 जनवरी को ही इस पोस्ट को लड़की के बॉयफ्रेंड सेहिल ने देख लिया। इसके बाद उसने मेरे बेटे को धमकी देना शुरू कर दिया।
मूर्ति विसर्जन के दिन लड़की के ब्वॉयफ्रेंड सेहिल ने सूरज शर्मा के साथ की मारपीट
सुबोध शर्मा ने बताया था कि 25 जनवरी मेरा बेटा मूर्ति विसर्जन में गया था। इस दौरान सेहिल ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद सेहिल अपने दोस्तों के साथ वहां से भाग निकला। इस घटना के बाद मैंने सेहिल को कॉल किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं किया।
इसके बाद 26 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे सेहिल का कॉल आया। फोन उठाते ही उसने बदतमीजी से बात की। मैंने भी उसे उसी की भाषा में जवाब दिया।
बेटे के साथ सेहिल के घर पहुंचा था
ब्लॉगर सूरज शर्मा के पिता ने बताया था कि मैंने 27 जनवरी को पूरे दिन इंतजार किया, लेकिन सेहिल माफी मांगने नहीं आया। इसके बाद मैं अपने बेटे के साथ घटना वाले दिन यानी मंगलवार को सेहिल के घर पहुंच गया।
यहां मेरे बेटे सूरज शर्मा और सेहिल के बीच बहस हुई और फिर कुछ ही देर में मारपीट हो गई। स्थानीय लोगों के बीच-बचाव करने से मामला शांत हुआ। इसके बाद हम लोग घर आ गए।
सुबोध शर्मा ने बताया कि कुछ ही देर बाद सेहिल 20 से 25 बदमाशों के साथ मेरे घर आया और मारपीट शुरू कर दी। मेरे घर पर कारोबारी सूरज बिहारी का छोटा भाई उदय यादव भी था।
सेहिल की ओर से मारपीट का उदय ने विरोध किया। इसके बाद सेहिल के साथ आए ब्रजेश ने उदय की बुरी तरह पिटाई कर दी।
इसी के बाद उदय ने अपने भाई सूरज बिहारी को कॉल कर अपने साथ हुई मारपीट की बात बताई थी। मगर सूरज बिहारी के मेरे घर पहुंचने से पहले ही सेहिल, ब्रजेश अपने साथियों के साथ भाग निकला।
सूरज बिहारी के पहुंचने पर हम लोगों ने समझौते के लिए सेहिल और ब्रजेश को बुलाया। उन्होंने बताया कि हम लोग मरंगा के वसंत विहार फन सिटी पार्क के ठीक सामने खड़े थे।
हम लोग फन सिटी पार्क के पास पहुंचे, लेकिन सेहिल, ब्रजेश वहां नहीं था। करीब आधे घंटे के इंतजार के बाद सेहिल दो दर्जन लोगों के साथ वहां पहुंचा और आते ही हम लोगों के साथ धक्कामुक्की शुरू कर दी।
सूरज बिहारी से बहस के बाद ब्रजेश ने की फायरिंग
धक्का-मुक्की के बाद सूरज बिहारी और ब्रजेश के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर ब्रजेश ने कमर में छिपाकर रखी दो पिस्टल निकाली और सूरज बिहारी पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं।
इनमें से तीन गोली सूरज बिहारी को लगी। बचाव के लिए आने वाले प्राइवेट गार्ड प्रेम कुमार और फुफेरे भाई आनंद पर भी गोलियां चलाईं। हालांकि, दोनों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। मैंने भी किसी तरह खेत की ओर भागकर अपनी जान बचाई।
फायरिंग की घटना के बाद डायल 112 को कॉल कर वारदात की जानकारी दी। करीब 20 मिनट बाद पुलिस की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंची। फिर सूरज बिहारी को होप हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। यहां इलाज के क्रम में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।