सिरसा में 26 बच्चे-युवा और महिलाएं बीमार:देसूजोधा में दूषित पानी, पीलिया-लीवर संक्रमण फैला; ग्रामीण बोले- टंकी का सीधा पानी पी रहे

सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र के अकेले देसूजोधा गांव में 26 से अधिक बच्चे और युवा और महिलाएं संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से कोई पीलिया और लीवर संक्रमण का संक्रमित हो गया है। यह बीमारी पिछले एक सप्ताह में फैली है। इनमें से किसी का डबवाली के सिविल अस्पताल, निजी अस्पताल तो किसी का बठिंडा के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

आरोप है कि ग्रामीण आज मंगलवार को स्कूल में पहुंचे, तो आरओ में कोई फिल्टर लगा नहीं लगा मिला और बच्चों को टंकी का सीधा पानी पिलाया जा रहा है, जो हेल्थ के लिए ठीक नहीं।

पानी की पाइपलाइन दूषित हो चुकी

देसूजोधा के ग्रामीणों के अनुसार, गांव की नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं और पीने के पानी की पाइपलाइन दूषित हो चुकी है। कई जगह पर पाइप व टोंटियां लीक है। सप्लाई में नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायतें हैं। ग्रामीणों द्वारा दूषित पेयजल और खराब सफाई व्यवस्था को इस बीमारी का मुख्य कारण बताया जा रहा है। अभी और मरीज मिलने के आसार है।

SGOT और SGPT का स्तर ज्यादा

निजी लैब की जांच रिपोर्टों में कई मरीजों के बिलीरुबिन, SGOT और SGPT का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक पाया गया है। यह रिपोर्ट पीलिया और लीवर संक्रमण की पुष्टि करती है। गांव के कई मासूम बच्चों सहित युवाओं का उपचार अस्पतालों में जारी है। इसके बाद पब्लिक हेल्थ के अधिकारी व कर्मचारी हरकत में आए हैं और गांव में पाइप व टोंटियां की लीकेज ठीक की जा रही है।

पब्लिक हेल्थ पर लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग एवं पब्लिक हेल्थ और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक कोई मेडिकल टीम नहीं पहुंची है और न ही दूषित पानी की आपूर्ति रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं। गांव में सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मेडिकल चेकअप कैंप लगाने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पंचायत ने स्कूलों में किया जागरूक

मामले में देसूजोधा के सरपंच चरणजीत सिंह ने बताया कि गांव में पिछले कुछ दिनों से सप्लाई में दूषित पानी आ रहा है, इससे लोग बीमार हो रहे हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग व पब्लिक हेल्थ अधिकारियों को अवगत करवाया है। कल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में चेकिंग के लिए आई थी और टेस्ट के दौरान कुछ मरीजों को चिन्हित किया है, उनका इलाज चल रहा है।

पब्लिक हेल्थ की टीम भी आई है और पाइप व टोंटियों में कुछ जगह पर लीकेज थी, जिसे ठीक किया है। हमारी पंचायत स्कूल में जाकर बच्चों को जागरूक कर रही है कि दूषित पेयजल पीने से बचे और सप्लाई ठीक आ रही है या नहीं। वाटर कूलरों की भी जांच की है।

41 सैंपल लिए, रिपोर्ट आना बाकी- एसएमओ

मामले में ओढ़ा से एसएमओ सुमित जैन ने बताया कि पीएचसी देसू जोधा के अंतर्गत पीलिया व लीवर संक्रमण के मामले सामने आए। जिसको लेकर देसू जोधा गांव में डोर टू डोर सर्वे कर 41 सैंपल लिए गए। जिसमें हेपेटाइटिस बी हेपेटाइटिस सी अन्य सैंपल लैब को भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आज करीब 3 बजे तक आ जाएगी।

घरों में सप्लाई का पानी दूषित से संक्रमण का संदेश व्यक्त किया जा रहा है। जबकि गांव में ऐसा कोई धार्मिक समागम नहीं हुआ कि जिसके चलते लोगों ने एक जगह पर बैठकर खाना खाया हो और पानी पिया हो।