हरियाणा के गुरुग्राम में होमगार्ड मुन्नीलाल के 22 साल के बेटे सागर के मर्डर केस में लापरवाही मिलने पर दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। फर्रुखनगर थाना एसएचओ महेंद्र सिंह ने हेडकांस्टेबल अशोक और विनोद को सस्पेंड करने की पुष्टि की है।
हुक्का भरने के विवाद में 6 अगस्त को 20-25 लोगों ने बेंगलुरू से लौटे सागर पर जानलेवा हमला कर दिया था। सागर के साथ उसका भाई शंकर था। हमलावरों को देख दोनों भाई भागकर घर में घुस गए थे। मगर, हमलावर ने पीछा कर गोलियां मारकर सागर की हत्या कर दी थी।
घटना के विरोध में 8 अगस्त को बुलाई गई पंचायत में पटौदी से BJP विधायक बिमला देवी ने एसचएओ को खूब फटकारा। यहां तक कहा कि अगर पुलिस पहले कार्रवाई कर देती तो हमारा बच्चा नहीं जाता। इस दौरान एसएचओ सिर झुकाए खड़े रहे थे।
ऐसे हुआ था सागर का मर्डर…..
- पिता से हुई कहासुनी, जिससे बढ़ी रंजिश : 3 अगस्त को सागर के पिता मुन्नी लाल अपने भाई होशियार के साथ दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान गांव के सचेत उर्फ मुन्ना की सागर के भाई शंकर के साथ हुक्का भरने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद सचेत ने अपने साथियों के साथ मुन्नी लाल और शंकर से मारपीट की थी। उसी दिन मुन्नी लाल ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। इससे दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ गई थी।
- पिता से झगड़े की सूचना पर बेंगलुरु से आया सागर : परिवार के मुताबिक, सागर बेंगलुरु में काम करता था। पिता-भाई से झगड़े की सूचना मिलते ही सागर छह अगस्त को बेंगलुरु से लौट आया था। वह बेंगलुरु में ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता था। बस अड्डे पर उतरकर वह अपने भाई शंकर के साथ घर जा रहा था। आरेाप है कि इसी दौरान सचेत उर्फ मुन्ना सहित करीब 20-25 लोगों ने दोनों भाइयों को पीछा शुरू कर दिया।
- घर में घुसकर मारपीट, गोली मारकर हत्या की: आरोपियों को देख दोनों भाई भागकर घर में घुस गए। मगर, आरोपी हथियारों और लाठियों से लैस होकर उनके पीछे-पीछे घर में ही घुस गए और हमला कर दिया। इसी दौरान एक आरोपी ने गोली चला दी, जो सागर को लगी। उसके भाई ने भाग कर जान बचाई। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। परिजन घायल सागर को अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार ने शव लेने से कर दिया था इनकार, गांव में की थी पंचायत
पुलिस कार्यप्रणाली के विरोध में ग्रामीणों ने लगाया था जाम
उधर, घटना से नाराज सागर के परिवार और ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार कर दिया था। पुलिस पर मुन्नी लाल पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। कहा था कि इस बारे में शिकायत भी दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मामले को दबा दिया गया था। शुक्रवार को दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पटौदी-कुलाना रोड पर खंडेवला मोड़ के पास जाम भी लगा दिया था।
बीजेपी विधायक ने एसएचओ को भरी पंचायत में फटकारा था
इस पंचायत में पहुंची बीजेपी विधायक बिमला देवी ने एचएचओ महेंद्र सिंह को फटकार लगाई थी। सीधे एसएचओ से सवाल पूछा था कि कि एसएचओ साहब, जवाबदेही आपकी बनती है। आप जवाब दो मेरे को, क्यूं नहीं की कार्रवाई, एसएचओ साहब इनके मां-बाप को मार कर गए आपको कार्रवाई करनी चाहिए, इन्होंने 112 पर कॉल की है और आपकी गाड़ी आई भी है। फिर भी ये हाल हो गया, कौन भरपाई करेगा इसकी। इस दौरान एचएचओ सिर नीचे करके खड़े रहे थे।
पुलिस ने नौ आरोपियों को अरेस्ट कर वीडियो जारी किया
इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को अरेस्ट किया था। परिवार के लोगों को इसकी वीडियो भेजी थी, जिसे देखने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया गया था। साथ ही परिवार ने उन दोषी पुलिस वालों पर भी कार्रवाई की मांग की थी, जिन्होंने इस मामले को हल्के में लिया था। इसी मांग पर गुरुग्राम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हेडकांस्टेबल अशोक और कांस्टेबल विनोद को सस्पेंड को सस्पेंड कर दिया है। दोनों के खिलाफ इंटरनल जांच भी बैठा दी है।