सुप्रीम कोर्ट से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में क्लीन चिट मिलने के कुछ दिन बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सोनिया ने मंगलवार को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित अपने आर्टिकल में मनमोहन सिंह और मोदी सरकार के कामकाज की तुलना की।
सोनिया ने लिखा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड मोदी सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल उल्टा था। इतिहास मनमोहन सिंह को शांत, सरल, लेकिन सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में से एक के तौर पर सम्मान से याद करेगा।
सोनिया ने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के खिलाफ लॉबी कैंपेन सुनियोजित और संगठित था। इसमें अफसरशाही से लेकर मीडिया, न्यायपालिका, सिविल सोसाइटी और निश्चित तौर पर RSS और BJP से जुड़े लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि आज यह कैंपेन अपने तय अंत यानी शून्य पर पहुंच गया है और डॉ. सिंह हर मामले में बेदाग साबित हुए हैं।
- मामला क्या था: 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक का आवंटन महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL), नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NLC) और हिंदाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Hindalco) को किया गया था। आरोप था कि पहले आवंटन की सिफारिश NLC के पक्ष में थी, लेकिन बाद में हिंदाल्को को शामिल कर फैसला बदला गया।
- मनमोहन सिंह पर आरोप: उस समय सिंह प्रधानमंत्री के साथ कोयला मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे थे। आरोप था कि उन्होंने स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश के बावजूद मामले को दोबारा खुलने दिया और हिंदाल्को को शामिल करने वाले आवंटन को मंजूरी दी।
- CBI की जांच: CBI ने जांच के बाद 2014 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की और कहा कि मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं बनता। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने रिपोर्ट खारिज कर दी और 2015 में सिंह समेत अन्य लोगों को समन जारी किया।
- सुप्रीम कोर्ट ने क्लिन चिट दी: इस साल 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली और ट्रायल कोर्ट का समन वाला आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि क्लोजर रिपोर्ट खारिज करने और संज्ञान लेने का कोई ठोस कारण नहीं था।
- मामला खत्म: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मनमोहन सिंह के खिलाफ इस मामले की आपराधिक कार्यवाही खत्म हो गई। उनका 27 दिसंबर 2024 को निधन हो चुका था।
सोनिया बोलीं- 29 जुलाई राजनीतिक इतिहास का अहम दिन
सोनिया गांधी ने कहा कि 29 जुलाई भारत के हालिया राजनीतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन था। मनमोहन सिंह ईमानदारी और सत्यनिष्ठा वाले इंसान थे। उनके खिलाफ अभियान सुनियोजित और संगठित था। इसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका, सिविल सोसाइटी के साथ RSS और BJP से जुड़े लोग शामिल थे।
सोनिया ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का फैसला सार्वजनिक बहस के सबसे दुखद अध्यायों में से एक का अंत करता है। मनमोहन सिंह हर आरोप में पाक-साफ साबित हुए हैं। मोदी सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार की जांच के लिए बनी ED और CBI जैसी एजेंसियों का साफ तौर पर गलत इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा- इन एजेंसियों का मकसद नेताओं पर दबाव बनाना रहा है। नेताओं को या तो दबाव डालकर चुप करा दिया जाता है, या चालाकी से BJP में शामिल कर लिया जाता है। कुछ मामलों में उन्हें मंत्री पद भी दे दिया जाता है।
1. पूर्व PM के खिलाफ मोदी के 2017 के बयान का जिक्र: सोनिया गांधी ने अपने आर्टिकल में कहा कि यह संयोग नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी भी मनमोहन सिंह पर हमले के सबसे मुखर समर्थकों में शामिल थे। उन्होंने 8 फरवरी 2017 के राज्यसभा में दिए मोदी के बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि केवल मनमोहन सिंह को रेनकोट पहनकर नहाने की कला आती है।
सोनिया ने कहा कि मोदी इन दिनों छात्रों को माफ कर रहे हैं, इसलिए उन्हें मनमोहन सिंह के खिलाफ अपनी गरिमाहीन बयानबाजी के लिए भी खुद को माफ करना चाहिए। आत्मचिंतन भी घर से शुरू होना चाहिए।
2. मनमोहन सरकार की आर्थिक उपलब्धियां गिनाईं: सोनिया ने कहा कि मनमोहन सिंह की सरकार ने देश में बड़ा आर्थिक बदलाव किया। विकास दर में तेजी आई और निजी निवेश बढ़ा, जिससे भारत मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में पहुंचा। 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान भी भारत ने अपनी मजबूती दिखाई।
सोनिया ने दावा किया कि GDP की गणना का तरीका बदलने के बावजूद UPA सरकार के 10 सालों में पिछले 12 सालों की तुलना में आर्थिक विकास ज्यादा रहा और लाखों लोग गरीबी से बाहर आए। सोनिया ने मनमोहन सरकार की उपलब्धियों में शिक्षा का अधिकार, IIT-IIM जैसे संस्थानों में OBC आरक्षण, वन अधिकार कानून, MGNREGA और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून-2013 को भी गिनाया।
3. सोनिया बोलीं- पहले छात्रों पर पेलेट गन नहीं चलते थे: सोनिया ने कहा कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में सिविल सोसाइटी एक प्रभावशाली ताकत के रूप में उभरी और छात्रों को सरकार व प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन करने की आजादी थी।
उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय प्रदर्शनकारियों पर मेटल पेलेट गन या AK-47 से गोली चलाने की बात नहीं थी। प्रधानमंत्री नियमित तौर पर 100 से ज्यादा बिना स्क्रिप्ट वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए संसद और मीडिया के प्रति जवाबदेह रहते थे।
4. भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को बड़ी उपलब्धि बताया: सोनिया ने पूर्व PM की उपलब्धियों में भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को भी शामिल किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते ने भारत के खिलाफ दशकों से चले आ रहे परमाणु भेदभाव और रोक को खत्म किया और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत की। यह समझौता मनमोहन सिंह के राजनीतिक साहस और लगातार प्रयासों से संभव हुआ।
5. सोनिया बोलीं- मनमोहन सिंह की कही बात सच साबित हो रही: सोनिया ने कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी पर लगाए गए आरोप खोखले साबित हो चुके हैं। मनमोहन सिंह आज इस फैसले को देखने और अपनी समझ से देश का मार्गदर्शन करने के लिए हमारे बीच नहीं हैं लेकिन जनवरी 2014 में मनमोहन सिंह की कही बात हर गुजरते दिन के साथ सच साबित होती दिख रही है।