बांका प्रमंडल में पोस्टेड बिहार के लघु जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हरेंद्र कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप है। SVU ने केस हरेंद्र कुमार के खिलाफ दर्ज करने के बाद मंगलवार को पटना, बांका और वैशाली में छापेमारी की।
करीब 8 घंटे तक चली छापेमारी में हरेंद्र कुमार के पास से 2 करोड़ 20 लाख 99 हजार 900 रुपए की गैर संपत्ति मिलने की बात सामने आई है। SVU के अनुसार यह संपत्ति उनकी सरकारी आय और अन्य ज्ञात स्रोतों से 19% से ज्यादा है।
तलाशी के दौरान सबसे बड़ा खुलासा पटना स्थित फ्लैट से हुआ। यहां से ₹9.50 लाख कैश, करीब ₹81 लाख के सोने-चांदी की ज्वेलरी, महंगे सामानों की खरीदारी से जुड़े बिल-वाउचर और गाड़ी संबंधी दस्तावेज मिले हैं।
वहीं, वैशाली स्थित पैतृक आवास से भी 3 लाख रुपए से ज्यादा के कैश और जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। SVU ने हरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी के नाम से खरीदी गई जमीन और फ्लैट से संबंधित 8 दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 1 करोड़ 43 लाख 33 हजार रुपए बताई गई है।
एक महीने पहले बांका आए थे एग्जीक्यूटिव इंजीनियर
मंगलवार सुबह से ही विशेष निगरानी इकाई (SVU) की टीम ने हरेंद्र कुमार के बांका स्थित सरकारी आवास और कार्यालय में कार्रवाई शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, टीम ने उन्हें उनके सरकारी आवास से हिरासत में लिया और बाद में बांका स्थित कार्यालय ले गई।
वहां विभागीय दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात की जांच की गई। हरेंद्र कुमार की बांका में पोस्टिंग करीब एक महीने पहले ही हुई थी। इससे पहले वे गयाजी में पदस्थापित थे। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, गयाजी में पोस्टिंग के दौरान ही उनके खिलाफ निगरानी विभाग में आय से अधिक संपत्ति को लेकर शिकायत की गई थी।
पटना के फ्लैट से कैश और 81 लाख के गहने मिले
SVU की टीम ने पटना के महावीर नगर स्थित जनक नंदनी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 307 में भी तलाशी ली। यह फ्लैट हरेंद्र कुमार के नाम बताया गया है। यहां से 9.50 लाख रुपए कैश बरामद किए गए हैं।
इसके अलावा करीब 81 लाख रुपए के सोने और चांदी के गहने भी मिले हैं। तलाशी के दौरान महंगे आइट्मस की खरीदारी से जुड़े कई बिल और वाउचर भी मिले हैं।
कार्रवाई के दौरान सामने आए वीडियो/तस्वीरों में टीम के कई सदस्य नोटों की गड्डियां गिनते नजर आए हैं। पटना स्थित इस फ्लैट से एक क्विड रेनो कार, होंडा यूनिकॉर्न बाइक और यामाहा फैसिनो स्कूटी से संबंधित जानकारी भी मिली है।
पत्नी के नाम भी कई जमीन और फ्लैट
SVU की तलाशी में हरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी कुमारी सोनी के नाम से खरीदी गई कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। तलाशी के दौरान अब तक मिले 8 दस्तावेजों में कुमारी सोनी के नाम बेउर चौराहा, फुलवारीशरीफ में खरीदा गया प्लॉट, पातेपुर, वैशाली में कुमारी सोनी के नाम जमीन, महावीर नगर, पटना के जनक नंदनी अपार्टमेंट में फ्लैट मिले हैं।
वहीं, महुआ-पातेपुर, वैशाली में हरेंद्र कुमार के नाम प्लॉट, मीठापुर, पटना में फ्लैट मिले हैं। इन दस्तावेजों में दर्ज संपत्तियों की बताई गई कुल कीमत ₹1 करोड़ 43 लाख 33 हजार है। SVU इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगा रही है कि संपत्तियों की वास्तविक खरीद कीमत क्या थी और इनके भुगतान का सोर्स क्या रहा है।
वैशाली के पैतृक घर में करीब 6 घंटे चली तलाशी
SVU की टीम ने हरेंद्र कुमार के वैशाली के पातेपुर थाना क्षेत्र स्थित सिमरवाड़ा गांव के पैतृक आवास पर भी छापेमारी की। शुरुआती जानकारी के अनुसार दो गाड़ियों से टीम सुबह करीब 9 बजे वहां पहुंची थी। कार्रवाई करीब छह घंटे तक चली।
तलाशी के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। SVU के आधिकारिक बयान के मुताबिक यहां से 3 लाख 42 हजार 500 रुपए कैश और जमीन से संबंधित दो दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
शुरुआती रिपोर्टों में नकदी करीब ढाई लाख रुपए बताए जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन आधिकारिक तलाशी रिपोर्ट में बरामद कैश की रकम 3.425 लाख बताई गई है।
5 बैंक खातों में भी बड़ी रकम होने की आशंका
तलाशी के दौरान SVU को हरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी कुमारी सोनी के नाम से SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा और बंधन बैंक के कुल पांच बैंक खातों की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी को इन खातों में भी काफी राशि जमा होने की आशंका है।
SVU अब बैंक खातों, जमीन-मकान के दस्तावेज, निवेश, ज्वेलरी, गाड़ियां और महंगे सामानों की खरीदारी से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुल संपत्ति और आय के बीच वास्तविक अंतर कितना है।
2015 में सरकारी सेवा में आए थे
SVU के अनुसार हरेंद्र कुमार ने 2015 में सरकारी सेवा में योगदान दिया था। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर पोस्टिंग के दौरान उन्होंने कथित तौर पर अवैध और भ्रष्ट तरीके से संपत्ति अर्जित की।
SVU ने जांच और सत्यापन के बाद प्रथम दृष्टया 2 करोड़ 20 लाख 99 हजार 900 रुपए की आय से अधिक संपत्ति का आकलन किया है। एजेंसी के मुताबिक यह राशि उनकी सरकारी वेतन और अन्य ज्ञात वैध स्रोतों से प्राप्त आय की तुलना में काफी अधिक है।
इसी आधार पर SVU थाना कांड संख्या 23/2026, दिनांक 10 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b), 13(2) और 12 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले के अनुसंधानकर्ता पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार सिंह हैं।
अब दस्तावेजों और बैंक खातों की स्क्रूटिनी होगी
SVU के अधिकारियों के मुताबिक तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों की स्क्रूटिनी की जा रही है। बरामद संपत्तियों के दस्तावेजों, बैंक खातों, नकदी, आभूषण और अन्य सामान की वैध आय से तुलना की जाएगी।
अधिकारी यह भी जांचेंगे कि संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल रकम कहां से आई और क्या इनमें किसी सरकारी कार्य, ठेके या भ्रष्टाचार से अर्जित रकम का इस्तेमाल हुआ है। तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद अप्रत्यानुपातिक संपत्ति की अंतिम गणना में बदलाव भी संभव है।