लुधियाना में गैंगरेप के बाद 13 साल की बच्ची प्रेग्नेंट हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रेग्नेंसी अब उसकी जान के लिए खतरा बनती जा रही है। बच्ची की हालत को देखते हुए कोर्ट ने अबॉर्शन की अनुमति दे दी है। अब सिविल अस्पताल में यह प्रक्रिया करवाई जाएगी।
नाबालिग की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया था कि उनकी बेटी सात महीने की प्रेग्नेंट है। हालांकि, सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान बच्ची की प्रेग्नेंसी करीब पांच महीने की पाई गई।
डॉक्टरों ने बच्ची की डिलीवरी को उसकी जान के लिए खतरा बताया और अबॉर्शन की सलाह दी। इसके बाद थाना डिवीजन नंबर-6 की पुलिस ने कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर कोर्ट ने अबॉर्शन की अनुमति दे दी। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है।
पुलिस ने गैंगरेप के आरोप में दोनों युवकों को गिरफ्तार कर उनके DNA सैंपल ले लिए हैं। अबॉर्शन के बाद भ्रूण का भी DNA सैंपल लिया जाएगा। पुलिस दोनों आरोपियों के DNA से उसका मिलान करवाएगी।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने क्या क्या किया, जानिए..
- मां की शिकायत पर दो युवकों पर FIR: लड़की की मां की शिकायत पर पुलिस ने थाना डिवीजन नंबर-6 में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और दोनों को गिरफ्तार किया।
- बच्ची का मेडिकल करवाया: बच्ची की मां ने दावा किया था कि बेटी सात महीने की प्रेग्नेंट है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल अस्पताल में उसका मेडिकल करवाया। मेडिकल में लड़की से रेप होने की पुष्टि हुई। उसके बाद लड़की का अल्डट्रासाउंड किया और फिर प्रेग्नेंट होने की पुष्टि हुई।
- डॉक्टरों ने डिलीवरी को बताया जानलेवा: जांच कर रहे एएसआई बलजीत सिंह ने बताया कि बच्ची 5 महीने की प्रेग्नेंट है। डॉक्टरों ने जब जांच की तो बताया कि 13 साल की बच्ची की डिलीवरी करवाना उसके लिए जानलेवा हो सकता है। अभी वह 24 सप्ताह से कम की प्रेग्नेंट है, तो उसका अबॉर्शन सेफली हो सकता है और उसकी जान पर आने वाले खतरे को टाला जा सकता है।
- कोर्ट में लगाई याचिका: थाना डिवीजन नंबर-6 की एसएचओ अवनीत कौर ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर कोर्ट में याचिका दायर की गई कि बच्ची की जान को खतरा न हो इसलिए उन्हें अबॉर्शन करवाने की मंजूरी दी जाए।
- माता पिता की सहमति ली: लड़की के पिता ने बताया कि उन्हें भी सोमवार को कोर्ट में बुलाया गया और फिर उसने भी अबॉर्शन के बारे में पूछा गया। उन्होंने अपनी सहमति दी। एएसआई बलजीत सिंह ने बताया कि पेरेंट्स की सहमति के बाद ही कोर्ट ने अबॉर्शन की सहमति दी।
- अस्पताल में दाखिल करवाया: पुलिस ने पीड़िता को अब अस्पताल में दाखिल करवा दिया है। पीड़िता का अबॉर्शन अब गाइनाकॉलोजिस्ट की देखरेख में किया जाएगा। उसके बाद भी उसे कुछ दिन तक डॉक्टरों की निगरानी मेंं रखा जाएगा।
- आरोपियों का डीएनए लिया: एएसआई बलजीत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का डीएनए ले लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची के गर्भ में जो बच्चा है, वो किसका है। उन्होंने कहा कि दोनों पर रेप की धाराओं के साथ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।
बच्ची से गैंगरेप की पूरी कहानी पिता की जुबानी..
- आरोपी को मानती थी भाई: पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी 6 भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर है और घर पर छोटे बच्चों की देखभाल करती थी। उसी मकान में किराए पर रहने वाले दो युवकों में से एक (उत्तर प्रदेश का निवासी) दूर का रिश्तेदार था, जिसे बच्ची भाई मानकर राखी बांधती थी।
- शारीरिक बदलाव को नहीं समझा: पिछले 2-3 महीनों से बच्ची के शरीर में बदलाव आ रहे थे। माता-पिता ने सोचा कि घर पर रहने और खाने-पीने की वजह से उसका वजन बढ़ रहा है, इसलिए ध्यान नहीं दिया।
- पेट दर्द से खुला राज: 29 जुलाई को पेट में तेज दर्द होने पर जब मां ने पेट दबाया, तो उन्हें अंदर हलचल महसूस हुई। मां की सख्ती पर बच्ची रोने लगी और उसने दोनों आरोपियों की दरिंदगी का खुलासा किया। बच्ची ने बताया कि एक ने उसके साथ रूम में और दूसरे ने बाथरूम में कई बार रेप किया।
- पहला आरोपी मुंबई भागा: पिता ने कहा कि रिश्तेदार आरोपी ने राखी के पवित्र रिश्ते का फायदा उठाकर करीब 7 महीने पहले बच्ची से दो बार रेप किया और उसके बाद मुंबई भाग गया।
- दूसरे आरोपी ने दी धमकी: पहले आरोपी के जाने के बाद दूसरे किराएदार (बिहार का निवासी) ने बच्ची को जबरन बाथरूम में खींचकर रेप किया और बाद में बार-बार शोषण किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
- समझौते का दबाव और ब्लैकमेलिंग: सच सामने आने पर जब पिता ने बात की, तो आरोपी पक्ष ने शादी का झांसा दिया। बाद में आरोपी कुछ लोगों को लाकर परिवार को धमकाने और बच्ची के चरित्र पर सवाल उठाने लगा।
- मुंबई से बुलाकर कराई गिरफ्तारी: पिता ने मुंबई भागे आरोपी को फोन कर पुलिस कार्रवाई की चेतावनी देकर लुधियाना बुलाया। जैसे ही आरोपी वापस आया, परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर दोनों को गिरफ्तार करवा दिया।