झज्जर में नगर परिषदों के गेट पर जड़ा ताला:सफाईकर्मियों ने ठप कराया काम, जगह-जगह कूड़े के ढेर; प्रदर्शन जारी

झज्जर जिले में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाईकर्मियों ने मंगलवार को झज्जर और बहादुरगढ़ नगर परिषद कार्यालयों के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने परिषद के कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर निकालकर कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया। इससे दोनों नगर परिषदों में प्रशासनिक काम प्रभावित रहा।

सफाईकर्मी 6 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से लगातार आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कर्मचारियों की प्रमुख मांग 13 मई को सरकार और कर्मचारियों के बीच हुए समझौते को लागू करने की है।

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का करने, सीवरमैन और सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने समेत अन्य मांगों को पूरा करने की मांग उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार समझौते को लागू नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मंत्री की प्रतीकात्मक अर्थी सजाई

आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल की प्रतीकात्मक अर्थी भी सजाई। कर्मचारियों के अनुसार मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली जाएगी और लाल चौक पर पुतला फूंका जाएगा। सफाईकर्मियों ने कहा कि सरकार के रवैये के विरोध में आंदोलन को अब और तेज किया जाएगा।

शहर में बढ़ा कूड़े का संकट

सफाई कर्मचारियों की लंबी हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। झज्जर और बहादुरगढ़ की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। कूड़े से उठ रही दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बीमारी फैलने और सफाई व्यवस्था बिगड़ने की भी चिंता सता रही है।

सफाईकर्मियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेकर 13 मई के समझौते को लागू करे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।