कांग्रेस वंदे मातरम के दो ही पैरा गाएगी:1937 के फैसले का पालन करेगी, वेणुगोपाल बोले- भाजपा के लिए ये भावनात्मक नहीं, राजनीति मुद्दा

कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी 1937 में हुई कांग्रेस बैठक में लिए गए फैसले का पालन करेगी। इसके तहत पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए जाएंगे।

नई दिल्ली के इंदिरा भवन में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें ही वंदे मातरम पर कांग्रेस ने यह फैसला लिया।

केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दे हैं, जबकि भाजपा के लिए ये राजनीतिक मुद्दे हैं।

1950 में संविधान सभा ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था। इसमें कुल 6 पैरा हैं।

भाजपा का दावा- कांग्रेस मुख्यालय में रोका गया था वंदेमातरम

15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम पर कांग्रेसी नेताओं के व्यवहार को लेकर विवाद हो रहा है। भाजपा का आरोप है कि गीत के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष ने गीत रुकवाने की कोशिश की थी।

2026 वंदे मातरम के अपमान पर कानून बना

  • 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत घोषित किया था। लंबे समय तक इसके अपमान पर कोई अलग कानून नहीं था, लेकिन 2026 के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ बनाया।
  • इस कानून के तहत ‘वंदे मातरम’ के गायन को जानबूझकर रोकने, इसमें बाधा डालने या इसका सार्वजनिक अपमान करने को दंडनीय अपराध माना गया है। ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।
  • इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ के पूरे 6 छंद गाए गए।