ट्रेन में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि हमें लटककर और काफी मुश्किलों का सामना करते हुए सफर करना पड़ा। आज हमें ट्रेन नहीं मिली, इसलिए अब हम बस से जा रहे हैं। अभी बस का टिकट भी बहुत महंगा है। दो से तीन हजार रुपए तक में मिल रहा है।
भोपाल के आईएसबीटी बस स्टैंड पर अपने परिजन के साथ बैठी बस का इंतजार करती आरती खरवार ने आपबीती भास्कर से साझा की। आरती के साथ पांच लोग हैं और उन्हें मुंबई जाना है, लेकिन तीन गुना किराया देने पर भी बस का टिकट नहीं मिल रहा है।
रक्षाबंधन से एक दिन पहले, 27 अगस्त को भोपाल और इंदौर से बस के जरिए दूसरे शहर जाना चाहते हैं तो आपको जेब ढीली करनी पड़ेगी। दरअसल, त्योहार पर घर जाने वाले और वापस लौटने वाले यात्रियों से बस ऑपरेटर मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं।
ऑनलाइन पोर्टल पर इंदौर से पुणे जाने वाली कई बसों का किराया तो फ्लाइट के किराए के बराबर पहुंच गया है। भास्कर ने इंदौर और भोपाल से पुणे, मुंबई, बनारस जैसे बड़े शहरों के लिए चलने वाली बसों के किराए की पड़ताल की और वहां जाने वाले यात्रियों से भी बात की।
1300 का सफर, टिकट मिली 3200 में
परिवार के साथ भोपाल से दिल्ली जा रहे गौरव भारद्वाज ने बताया कि पहले आमतौर पर लग्जरी बस का किराया 1300 से 1500 रुपए के आसपास होता था। लेकिन अभी पीक टाइम होने के कारण टिकट नहीं मिल रही हैं।
काफी अनुरोध करने के बाद मुझे एक टिकट 3200 रुपए में मिली, जबकि रात 8 बजे की बस का किराया 4500 रुपए है। किराया लगभग दोगुना हो गया है, जबकि कुछ जगहों पर यह तीन गुना तक पहुंच गया है।
पहले मुझे 3000 रुपए का किराया बताया गया था, लेकिन दस मिनट के अंदर ही यह बढ़कर 3200 रुपए हो गया। इसका सीधा असर मेरी जेब पर पड़ रहा है।
ट्रेन में लंबी वेटिंग, बसों में लूट
त्योहार के दौरान ट्रेनों में लंबी वेटिंग और टिकट की कमी के कारण यात्रियों की निर्भरता बसों पर बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर कई रूटों पर बस ऑपरेटर सामान्य किराए से कई गुना अधिक किराया वसूल रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि त्योहार पर साल में एक-दो बार ही घर जाने का मौका मिलता है, लेकिन इतना अधिक किराया आम आदमी के बजट पर भारी पड़ रहा है। रक्षाबंधन के चलते अगले कुछ दिनों में यात्रियों की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में टिकट की मांग बढ़ने के साथ बस किराए में और बढ़ोतरी होने की आशंका है।
पहले ही सरकार बढ़ा चुकी है किराया
प्रदेश सरकार पहले ही यात्री बसों के किराए में 60 से 75 प्रतिशत तक वृद्धि कर चुकी है। नई किराया व्यवस्था के तहत साधारण बस का किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर और न्यूनतम किराया 10 रुपए तय किया गया था।
इससे पहले साधारण बस का किराया 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर और न्यूनतम किराया 7 रुपए था। अलग-अलग श्रेणी की बसों में साधारण किराए के मुकाबले 10 से 75 प्रतिशत तक अतिरिक्त किराया तय किया गया है।
नई व्यवस्था में रात्रिकालीन बस सेवा के लिए 10 प्रतिशत, नॉन-एसी डीलक्स बस के लिए 25 प्रतिशत, स्लीपर बस के लिए 40 प्रतिशत, एसी डीलक्स बस के लिए 50 प्रतिशत और सुपर लग्जरी एसी कोच के लिए 75 प्रतिशत अधिक किराया तय किया गया था।
सीहोर में कांवड़ यात्रा के कारण ट्रेनों-बसों में भीड़ बढ़ी
सीहोर के कुबरेश्वर धाम में सावन माह में निकाले जाने वाली कांवड़ यात्रा के कारण ट्रेनों और बसों में भीड़ बढ़ी है। इस यात्रा में महाराष्ट्र, उप्र, बिहार, गुजरात समेत कई राज्यों से हजारों श्रद्वालु शामिल होते हैं।
इस इस साल ये यात्रा रक्षाबंधन से ठीक 3 दिन पहले 25 अगस्त को थी, जिसमें करीब 5 लाख लोग शामिल हुए थे। इसके कारण सीहोर से लौटने वाले यात्रियों के चलते भोपाल से चलने वाली ट्रेनों और बसों में अचानक भीड़ बढ़ गई।
परिवार के साथ मुंबई से सीहोर आए अमित कारवार भी भोपाल आएसबीटी में बस का इंतजार करते दिखे। अमित ने बताया कि हम मुंबई के विरार से आए हैं। ट्रेन का टिकट नहीं मिला। इसी वजह से अब हमें बस से जाना पड़ रहा है।
नई व्यवस्था के बाद भी यात्रियों की जेब पर भार
इसके बावजूद रक्षाबंधन के मौके पर यात्रियों से सामान्य किराए से दो से चार गुना तक अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यानी पहले से बढ़े निर्धारित किराए के ऊपर त्योहार की भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है।
भोपाल आरटीओ जीतेंद्र शर्मा ने बताया कि त्योहार पर बस संचालकों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतों पर हमने कई बसों पर कार्रवाई की है।