भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद डॉ. सतीश पूनिया पहली बार पंजाब के दौरे पर आ रहे हैं। पूनिया शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन का ऐलान करने से पहले पंजाब भाजपा नेताओं के साथ बैठकें करेंगे, ताकि ऐन वक्त पर पार्टी में किसी तरह की बगावत न हो।
डॉ. पूनिया आज से तीन दिन पंजाब के दौरे पर हैं। पहले दिन वे चंडीगढ़ में पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। कल जालंधर और दौरे के आखिरी दिन अमृतसर में रहेंगे, जहां वे कार्यकर्ताओं से लेकर शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी उनके साथ रहेंगे।
इन बैठकों में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। वहीं डॉ. पूनिया ने प्रभारी बनने के बाद पंजाब के भाजपा नेताओं और वर्कर्स को एक कड़ा संदेश दिया है कि दौरे के दौरान उन्हें सम्मानित करने के लिए गुलदस्ते, साफा, शॉल या अन्य महंगे कपड़े लेकर न आएं। उन्होंने कहा कि आप मुझे केवल एक फूल देकर सम्मानित कर सकते हैं।
डॉ. पूनिया ने वीडियो संदेश में नेताओं व वर्कर्स से कही 6 प्रमुख बातें जानिंए..
- स्वागत समारोहों में महंगे उपहारों से परहेज: डॉ. पूनिया ने समर्थकों को संबोधित करते हुए किसी भी कार्यक्रम में अपने स्वागत के लिए फूलों के बड़े-बड़े गुलदस्ते, साफा, शॉल, माला और महंगे उपहार स्वीकार न करने की अपील की। उनका स्पष्ट मानना है कि हमें इन दिखावटी और खर्चीली परंपराओं से परहेज कर आचरण में सादगी अपनानी चाहिए।
- सम्मान व गिफ्ट के लिए सादगीपूर्ण विकल्प: डॉ. पूनिया ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें सच्चे मन से सम्मान देना चाहता है, तो उसके लिए एक साधारण फूल ही पर्याप्त है। वहीं, अगर कोई भेंट देना चाहता है, तो किसी महंगी वस्तु की जगह कोई अच्छी और पढ़ने योग्य पुस्तक दे सकता है। इससे फिजूलखर्ची से बचाव के साथ-साथ ज्ञान का प्रसार भी होगा।
- गौशाला और दिव्यांगों की मदद करें: डॉ. पूनिया ने कहा कि जो लोग उपहार देना चाहते हैं, वे वह राशि सामाजिक कल्याण में लगाएं। वे किसी गौशाला में अंशदान देकर उसकी रसीद उन्हें भेंट कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि कोई दिव्यांगों की सहूलियत और दैनिक आवश्यकताओं में मदद करता है, तो इससे उन्हें बेहद संतोष मिलेगा।
- अनाथ आश्रम और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग: डॉ. पूनिया ने अनाथ आश्रमों के पोषण और सहायता की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अनाथ आश्रम को आर्थिक या भौतिक सहयोग देता है, अथवा किसी जरूरतमंद विद्यार्थी को स्कॉलरशिप देकर उसकी पढ़ाई में मदद करता है, तो यह कदम समाज के लिए बेहद उपयोगी और सराहनीय सिद्ध होगा।
- सामाजिक सरोकार की रसीद ही असली सम्मान: पूनिया ने स्पष्ट किया कि वे कोई निर्देश नहीं दे रहे, बल्कि सम्मान के सकारात्मक विकल्प बता रहे हैं। महंगे उपहारों की जगह किसी धार्मिक या सामाजिक सरोकार से जुड़कर दान की रसीद भेंट करने को उन्होंने असली सम्मान बताया।
- आत्मीयता, सत्कार और सहयोग का अंतिम आग्रह: संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि सत्कार के लिए भारी-भरकम साधनों की आवश्यकता नहीं होती; यह अपनों से मुस्कुराकर मिलने और सीमित साधनों में भी संभव हो जाता है। उन्होंने सभी समर्थकों से इस नेक पहल में पूरा सहयोग देने की गुजारिश की।
पंजाब को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष की मीटिंग
पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर डॉ. सतीश पूनिया ने पंजाब चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री आर. सी. पाटिल और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ कुछ दिन पहले दिल्ली में बैठक की थी। हाईकमान से पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए ‘लाइन ऑफ एक्शन’ लेकर पूनिया पंजाब आ रहे हैं। हाईकमान के आदेशों को पंजाब में लागू करने को लेकर नेताओं से बातचीत करेंगे।